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Auraiya News: एल्युमीनियम के भाव ने फीकी कर दी बर्तन बाजार की चमक
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औरैया। धातु बाजार में लगातार आ रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम आदमी की रसोई और कारोबार पर दिख रहा है। बीते कुछ समय से एल्युमीनियम के दामों में हुई वृद्धि के कारण बर्तन बाजार की चमक फीकी पड़ गई है। लंबे समय से कम कीमतों के चलते एल्युमीनियम बर्तनों की बाजार में अच्छी मांग बनी हुई थी।
हाल ही में कच्चा माल करीब 20 फीसदी तक महंगा हो गया है। इससे इन बर्तनों के दाम आसमान छूने लगे हैं। इसका सीधा परिणाम यह हुआ है कि दुकानों से ग्राहक गायब हैं। बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। व्यापारियों के अनुसार, कुछ समय पहले तक एल्युमीनियम के दाम 300 रुपये प्रति किलो के आसपास थे। तब महीने में करीब 30 से 40 किलोग्राम तक एल्युमीनियम के बर्तनों की बिक्री होती थी।
अचानक हुई मूल्य वृद्धि के बाद अब इसके दाम बढ़कर 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। 50 रुपये प्रति किलो की इस बढ़ोतरी ने बर्तनों के मूल्य को काफी बढ़ा दिया है। महंगाई के इस झटके के कारण कम बजट वाले ग्राहक अब एल्युमीनियम के बजाय स्टील के बर्तनों की खरीदारी को तरजीह दे रहे हैं। इससे एल्युमीनियम सामान का स्टॉक दुकानों में अटका हुआ है।
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एल्युमीनियम के दाम अचानक 20 फीसदी तक बढ़ने से बर्तनों के रेट काफी बढ़ गए हैं। जो ग्राहक पहले एल्युमीनियम के बड़े बर्तन या कुकर आसानी से खरीद लेते थे वे अब बजट बिगड़ने के डर से हाथ पीछे खींच रहे हैं। बाजार में ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर रह गई है। - मोनू गुप्ता, बर्तन व्यापारी
दामों में अंतर कम होने के कारण अब लोग एल्युमीनियम छोड़ स्टील के बर्तनों की मांग ज्यादा कर रहे हैं। कच्चा माल महंगा होने से हमारी लागत बढ़ गई है और मुनाफा लगातार घट रहा है। जब तक एल्युमीनियम की कीमतें सामान्य नहीं होतीं, तब तक इस कारोबार में तेजी आना मुश्किल दिख रहा है। - राजकुमार, बर्तन व्यापारी
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हाल ही में कच्चा माल करीब 20 फीसदी तक महंगा हो गया है। इससे इन बर्तनों के दाम आसमान छूने लगे हैं। इसका सीधा परिणाम यह हुआ है कि दुकानों से ग्राहक गायब हैं। बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। व्यापारियों के अनुसार, कुछ समय पहले तक एल्युमीनियम के दाम 300 रुपये प्रति किलो के आसपास थे। तब महीने में करीब 30 से 40 किलोग्राम तक एल्युमीनियम के बर्तनों की बिक्री होती थी।
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अचानक हुई मूल्य वृद्धि के बाद अब इसके दाम बढ़कर 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। 50 रुपये प्रति किलो की इस बढ़ोतरी ने बर्तनों के मूल्य को काफी बढ़ा दिया है। महंगाई के इस झटके के कारण कम बजट वाले ग्राहक अब एल्युमीनियम के बजाय स्टील के बर्तनों की खरीदारी को तरजीह दे रहे हैं। इससे एल्युमीनियम सामान का स्टॉक दुकानों में अटका हुआ है।
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एल्युमीनियम के दाम अचानक 20 फीसदी तक बढ़ने से बर्तनों के रेट काफी बढ़ गए हैं। जो ग्राहक पहले एल्युमीनियम के बड़े बर्तन या कुकर आसानी से खरीद लेते थे वे अब बजट बिगड़ने के डर से हाथ पीछे खींच रहे हैं। बाजार में ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर रह गई है। - मोनू गुप्ता, बर्तन व्यापारी
दामों में अंतर कम होने के कारण अब लोग एल्युमीनियम छोड़ स्टील के बर्तनों की मांग ज्यादा कर रहे हैं। कच्चा माल महंगा होने से हमारी लागत बढ़ गई है और मुनाफा लगातार घट रहा है। जब तक एल्युमीनियम की कीमतें सामान्य नहीं होतीं, तब तक इस कारोबार में तेजी आना मुश्किल दिख रहा है। - राजकुमार, बर्तन व्यापारी