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Auraiya News: फंदे से लटका मिला ससुराल आए सराफा कारीगर का शव
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:28 PM IST
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फोटो-12- थाने में मौजूद परिजन और जांच करती पुलिस। संवाद
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दिबियापुर (औरैया)। कस्बे के मोहल्ला लोहिया नगर में सात दिन पहले कानपुर से ससुराल आए सराफा कारीगर का शव फंदे से लटका मिला।
सोमवार तड़के ससुरालीजन ने कारीगर का शव देखा तो होश उड़ गए। सूचना पर युवक के परिजन उसकी ससुराल पहुंचे। पोस्टमार्टम कराने को लेकर मृतक के परिजन और ससुराल पक्ष के बीच घंटों विवाद चलता रहा, जिन्हें पुलिस ने समझाकर शांत कराया।
कानपुर स्थित थाना पनकी के मोहल्ला रतनपुर कॉलोनी निवासी संतोष कुमार (45) सोने-चांदी के जेवर बनाने का कारीगर था। कुछ समय पहले तक वह दिबियापुर की तिवारी ट्रांसपोर्ट वाली गली में ही काम करता था लेकिन धंधा मंदा होने के कारण वह वापस कानपुर चला गया था। काम न मिलने की वजह से वह काफी समय से मानसिक तनाव में था। बच्चों की छुट्टियां होने पर वह सात दिन पहले अपनी पत्नी सपना और दो बच्चों के साथ लोहिया नगर स्थित अपने साले रमेश चंद्र सोनी के घर आया था।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि रविवार रात संतोष अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में सोने चला गया था। सोमवार सुबह करीब चार बजे उनके छोटे भांजे को उसका शव फंदे से लटका मिला। उसके शोर मचाने पर अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और कारीगर को नीचे उतार कर मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में मृतक के पिता सुरेश ने बताया कि संतोष दो भाइयों में बड़ा था। कानपुर में पत्नी व बच्चों के साथ किराए के मकान में अलग रहता था। काम ठीक न चलने से वह परेशान था। कानपुर से मृतक के भाई और अन्य रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। इस बीच मृतक के पिता व भाई पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में नहीं थे और शव को सीधे सौंपने की मांग कर रहे थे, जबकि ससुराल पक्ष निष्पक्ष जांच के लिए पोस्टमार्टम कराने पर अड़ा था।
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर शांत कर दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया, जिसके बाद वह कानपुर शव लेकर चले गए।
सोमवार तड़के ससुरालीजन ने कारीगर का शव देखा तो होश उड़ गए। सूचना पर युवक के परिजन उसकी ससुराल पहुंचे। पोस्टमार्टम कराने को लेकर मृतक के परिजन और ससुराल पक्ष के बीच घंटों विवाद चलता रहा, जिन्हें पुलिस ने समझाकर शांत कराया।
कानपुर स्थित थाना पनकी के मोहल्ला रतनपुर कॉलोनी निवासी संतोष कुमार (45) सोने-चांदी के जेवर बनाने का कारीगर था। कुछ समय पहले तक वह दिबियापुर की तिवारी ट्रांसपोर्ट वाली गली में ही काम करता था लेकिन धंधा मंदा होने के कारण वह वापस कानपुर चला गया था। काम न मिलने की वजह से वह काफी समय से मानसिक तनाव में था। बच्चों की छुट्टियां होने पर वह सात दिन पहले अपनी पत्नी सपना और दो बच्चों के साथ लोहिया नगर स्थित अपने साले रमेश चंद्र सोनी के घर आया था।
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पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि रविवार रात संतोष अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में सोने चला गया था। सोमवार सुबह करीब चार बजे उनके छोटे भांजे को उसका शव फंदे से लटका मिला। उसके शोर मचाने पर अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और कारीगर को नीचे उतार कर मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में मृतक के पिता सुरेश ने बताया कि संतोष दो भाइयों में बड़ा था। कानपुर में पत्नी व बच्चों के साथ किराए के मकान में अलग रहता था। काम ठीक न चलने से वह परेशान था। कानपुर से मृतक के भाई और अन्य रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। इस बीच मृतक के पिता व भाई पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में नहीं थे और शव को सीधे सौंपने की मांग कर रहे थे, जबकि ससुराल पक्ष निष्पक्ष जांच के लिए पोस्टमार्टम कराने पर अड़ा था।
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर शांत कर दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया, जिसके बाद वह कानपुर शव लेकर चले गए।