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Auraiya News: यमुना में नहीं गिरेगा गंदा पानी, 22.82 लाख से होगा एसटीपी प्लांट निर्माण

संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 13 Apr 2026 12:14 AM IST
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Dirty water will not fall into Yamuna, STP plant will be constructed at a cost of Rs 22.82 lakh.
फोटो-9-भूमि पूजन के दौरान मौजूद सदर विधायक, पालिकाध्यक्ष और जल निगम इटावा के अधिकारी । स्रोत:कर
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औरैया। शहर से रोजाना निकलने वाला गंदा पानी अब यमुना में नहीं गिरेगा। दो साल के अंदर जालौन सड़क किनारे टंकी के पास एसटीपी प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा।
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इसे लेकर रविवार को सदर विधायक गुड़िया कठेरिया व पालिकाध्यक्ष अनूप गुप्ता की मौजूदगी में भूमि पूजन किया गया। इस कार्यक्रम में कार्यदायी संस्था जल निगम इटावा के अधिकारी समेत ठेकेदार मौजूद रहे।
शहर के नालों का गंदा पानी यमुना नदी में जाने से रोकने के लिए जालौन सड़क पर प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का इंतजार अब खत्म हो गया है। आईआईटी रुड़की की तकनीकी टीम की ओर से बनाए गए डिजाइन के आधार पर इस एसटीपी प्लांट का निर्माण किया जाएगा। रविवार को भूमि पूजन के साथ इसका शुभारंभ हो गया।
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शहर में सीवरेज के समुचित निस्तारण और जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए शासन ने 22 करोड़ 82 लाख रुपये एसटीपी निर्माण के लिए जारी किए हैं। शासन में यह प्रस्ताव वर्ष 2023 में भेजा गया था। शासन से स्वीकृति मिलने पर जल निगम की सीएंडडीएस इकाई को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। नगर पालिका परिषद की ओर से जालौन सड़क किनारे जमीन उपलब्ध कराई गई है। टेंडर न होने के कारण दो साल से अटका रहे निर्माण का रविवार को शुभारंभ हो गया।
वर्तमान में शहर के कई बड़े नालों का गंदा पानी बिना शोधन के सीधे यमुना नदी में पहुंच रहा है। इससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। एसटीपी बनने के बाद इन नालों के पानी को पहले प्लांट तक लाया जाएगा। यहां आधुनिक तकनीक से पानी को साफ किया जाएगा और शुद्ध पानी को पाइपलाइन के जरिए नदी में छोड़ा जाएगा। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि शहर की सीवरेज व्यवस्था भी व्यवस्थित हो सकेगी।
इस प्लांट की क्षमता 10 एमएलडी की रहेगी। ऐसे में 10 मिलियन लीटर गंदे पानी का शोधन रोजाना हो सकेगा। सदर विधायक व पालिकाध्यक्ष के अलावा इस मौके पर ईओ राम आसरे कमल, जल निगम इटावा के एई विमल कुमार, राजेश अग्निहोत्री, पिंटू शुक्ला समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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जलभराव और प्रदूषण से मिलेगी राहत

शहर के कई इलाकों में बरसात के दौरान नालों का पानी सड़कों और मोहल्लों में भर जाता है। इसके पीछे मुख्य वजह सीवर और नालों का व्यवस्थित निस्तारण न होना है। एसटीपी बनने के बाद नालों के पानी को सीधे प्लांट तक ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे जलभराव की समस्या कम होने के साथ ही यमुना में गिरने वाले गंदे पानी पर भी रोक लगेगी।
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प्रस्तावित एसटीपी प्लांट का डिजाइन आईआईटी रुड़की ने डिजाइन किया है। भूमि पूजन के साथ ही इस प्लांट को एक साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। ठेकेदार को दिसंबर 2027 तक काम पूरा करने को कहा गया है।- रेहान फारुखी, अधिशासी अभियंता, जल निगम इटावा
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