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Auraiya News: रोजगार सेवकों ने खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:37 PM IST
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फोटो -31- अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते रोजगार सेवक। स्रोत:कर्मी
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औरैया। ग्राम रोजगार सेवकों ने नियमितीकरण और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने सहित अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
ग्राम रोजगार सेवक संघ ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द निस्तारण नहीं हुआ तो आगामी एक जुलाई को लखनऊ में विधानसभा, भाजपा कार्यालय, जवाहर भवन और राजभवन का घेराव किया जाएगा।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2006 से मनरेगा योजना के तहत रोजगार सेवक पिछले 17 वर्षों से संविदा पर काम कर रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश की 58,194 ग्राम पंचायतों में मात्र 15 हजार नियमित सचिव हैं, यानी एक सचिव पर चार पंचायतों का बोझ है। रोजगार सेवकों की मांग है कि ग्राम पंचायतों में सहायक सचिव व ग्राम विकास सहायक का नया पद सृजित कर उन्हें समायोजित किया जाए। एचआर पॉलिसी लागू कर न्यूनतम 24,000 प्रति माह मानदेय दिया जाए।
पद से हटाने के लिए ग्राम पंचायत के बजाय ग्राम सभा का दो-तिहाई बहुमत अनिवार्य हो। मासिक मानदेय के लिए अलग बजट हो। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार, सतीश बाबू, रीमा देवी, सावित्री, प्रीति, सुरेश सिंह, नसीम अली, उमा देवी, दिलीप कुमार समेत कई रोजगार सेवक मौजूद रहे।
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ग्राम रोजगार सेवक संघ ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द निस्तारण नहीं हुआ तो आगामी एक जुलाई को लखनऊ में विधानसभा, भाजपा कार्यालय, जवाहर भवन और राजभवन का घेराव किया जाएगा।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2006 से मनरेगा योजना के तहत रोजगार सेवक पिछले 17 वर्षों से संविदा पर काम कर रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश की 58,194 ग्राम पंचायतों में मात्र 15 हजार नियमित सचिव हैं, यानी एक सचिव पर चार पंचायतों का बोझ है। रोजगार सेवकों की मांग है कि ग्राम पंचायतों में सहायक सचिव व ग्राम विकास सहायक का नया पद सृजित कर उन्हें समायोजित किया जाए। एचआर पॉलिसी लागू कर न्यूनतम 24,000 प्रति माह मानदेय दिया जाए।
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पद से हटाने के लिए ग्राम पंचायत के बजाय ग्राम सभा का दो-तिहाई बहुमत अनिवार्य हो। मासिक मानदेय के लिए अलग बजट हो। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार, सतीश बाबू, रीमा देवी, सावित्री, प्रीति, सुरेश सिंह, नसीम अली, उमा देवी, दिलीप कुमार समेत कई रोजगार सेवक मौजूद रहे।