Auraiya: पति व सास की प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता ने खाया जहर, मौत के एक महीने बाद पुलिस ने दर्ज की FIR
Auraiya News: कोतवाली क्षेत्र के जालौन चौराहा निवासी एक विवाहिता की जहरीला पदार्थ खाने से मौत के मामले में पुलिस ने घटना के करीब एक माह बाद पति और सास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मृतका की मां का आरोप है कि पति और सास की प्रताड़ना से परेशान होकर उसकी बेटी ने विषैला पदार्थ खा लिया था।
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औरैया जिले से एक बेहद दर्दनाक और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। यहां कोतवाली क्षेत्र के जालौन चौराहा पर रहने वाली एक विवाहिता ने अपने पति और सास की कथित तौर पर रोज-रोज की प्रताड़ना और मारपीट से तंग आकर विषैला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के करीब एक महीने बाद, मृतका की लाचार मां की लंबी दौड़-भाग और लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने अब जाकर आरोपी पति और सास के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
10 साल पहले हुई थी शादी, दो बच्चों की मां थी अनीता
जानकारी के मुताबिक, फफूंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पाता पड़रिया की रहने वाली पीड़ित मां द्रोपदी ने औरैया कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। द्रोपदी ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री अनीता देवी की शादी करीब 10 वर्ष पहले औरैया कोतवाली क्षेत्र के जालौन चौराहा निवासी राजेश के साथ पूरे रीति-रिवाज से की थी।
राजेश पेशे से हलवाई का काम करता है। शादी के बाद अनीता ने दो बच्चों (पुत्र यशु और पुत्री डिगु) को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ वर्षों तक तो सब ठीक रहा, लेकिन पिछले कुछ समय से पति राजेश और सास शकुंतला देवी मिलकर अनीता को छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित करने लगे थे और आए दिन जान से मारने की धमकियां देते थे।
बेहरमी से मारपीट, मायके छोड़ गया था पति
तहरीर के अनुसार, बीते 16 जून को घर में हुए किसी विवाद को लेकर मां-बेटे (राजेश और शकुंतला) ने मिलकर अनीता को बेरहमी से पीटा। इसके बाद भी जब उनका दिल नहीं भरा, तो पति राजेश 18 जून को अनीता और उसके दोनों बच्चों को जबरन गाड़ी में बैठाकर फफूंद स्थित उसके मायके पाता पड़रिया छोड़ आया। मायके छोड़ते वक्त भी आरोपी ने अनीता के साथ बदसलूकी की थी।
ससुरालीजनों के इस दुर्व्यवहार और लगातार मिल रही प्रताड़ना से अनीता मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी। 18 जून की शाम को मायके में अचानक अनीता की तबीयत बेहद बिगड़ने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा।
सैफई ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
अनीता की हालत मरणासन्न देखकर बदहवास मां द्रोपदी और अन्य परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज चिचौली (इटावा) लेकर भागे। वहां अनीता की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तत्काल उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के लिए रेफर कर दिया।
सैफई अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद परिजनों को बताया कि अनीता ने किसी बेहद खतरनाक विषैले पदार्थ (जहर) का सेवन कर लिया है। अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए आखिरकार 19 जून को अनीता ने दम तोड़ दिया।इस दुखद घटना के बाद पीड़ित मां न्याय के लिए औरैया कोतवाली के चक्कर काटती रही। आखिरकार घटना के एक महीने बाद पुलिस ने मां की तहरीर को संज्ञान में लिया।