Auraiya: दिव्यांग फरियादी को सीढ़ियां चढ़ता देख कुर्सी छोड़ खुद नीचे पहुंचे DM, दिलाई व्हीलचेयर और पेंशन
Auraiya News: बिधूना तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी बृजेश कुमार सिंह की संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली। फरियादियों की शिकायतें सुन रहे जिलाधिकारी की नजर जैसे ही दोनों पैरों से दिव्यांग कटरा निवासी शिशुपाल पर पड़ी, वह अपनी कुर्सी से उठकर स्वयं उनके पास पहुंचे और उनकी समस्या सुनी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
औरैया जिले की बिधूना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी बृजेश कुमार सिंह की संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की एक अनुकरणीय मिसाल देखने को मिली है। फरियादियों की लंबी कतार के बीच जब जिलाधिकारी की नजर एक बेबस दिव्यांग पर पड़ी, तो उन्होंने वीआईपी कल्चर और प्रोटोकॉल को दरकिनार कर दिया।
डीएम खुद अपनी कुर्सी से उठकर उस दिव्यांग फरियादी तक पहुंचे, उसकी फरियाद सुनी और मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाते हुए राहत सुनिश्चित कराई। जिलाधिकारी के इस संवेनदशील कदम की तहसील परिसर में मौजूद हर शख्स ने खुले दिल से सराहना की है।
15 सीढ़ियां चढ़कर दूसरी मंजिल पर पहुंचा था दिव्यांग
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को बिधूना तहसील सभागार की दूसरी मंजिल पर संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा था, जहां जिलाधिकारी बृजेश कुमार सिंह और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी जनता की शिकायतें सुन रहे थे। इसी दौरान बिधूना के कटरा मोहल्ला निवासी शिशुपाल, जो दोनों पैरों से पूरी तरह दिव्यांग हैं, अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे।
शिशुपाल को अपनी समस्या बताने के लिए बैसाखियों के सहारे घिसटते हुए दूसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए 10 से 15 कठिन सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। जब वह हांफते हुए सभागार के मुख्य द्वार पर पहुंचे, तभी फरियादियों के आवेदन ले रहे जिलाधिकारी की नजर उन पर पड़ गई।
समाज कल्याण अधिकारी को दिए निर्देश
शिशुपाल की लाचारी और संघर्ष को देखते ही जिलाधिकारी तत्काल अपनी कुर्सी से खड़े हो गए और खुद चलकर उनके पास पहुंच गए। डीएम को अपने सामने खड़ा देख दिव्यांग शिशुपाल भावुक हो गया। उसने बताया कि वह शारीरिक रूप से अक्षम है और लंबे समय से सरकारी दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन तकनीकी अड़चनों के कारण अब तक उसकी पेंशन स्वीकृत नहीं हो सकी है।
डीएम ने मातहतों को निर्देश देकर मौके पर ही एक व्हीलचेयर मंगवाई और सम्मानपूर्वक शिशुपाल को उस पर बैठाया। उन्होंने मौके पर मौजूद जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को तलब किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिशुपाल का शिकायती पत्र लेकर आज ही मौके पर ही आवश्यक दस्तावेज पूरे कराए जाएं और बिना किसी देरी के त्वरित प्रक्रिया के तहत उसकी दिव्यांग पेंशन स्वीकृत की जाए।
इस दौरान जिलाधिकारी बृजेश कुमार सिंह का रुख लापरवाह अधिकारियों के प्रति काफी तल्ख नजर आया। उन्होंने सभागार में मौजूद सभी विभागीय अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि दोनों पैरों से पूरी तरह अक्षम एक व्यक्ति को अपनी बात कहने के लिए दूसरी मंजिल तक 10 से 15 सीढ़ियां चढ़कर आना पड़ा, यह प्रशासनिक स्तर पर बेहद संवेदनशील स्थिति है।
डीएम ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को यह समझना होगा कि उनका काम जनता की सेवा करना है। विशेष रूप से दिव्यांग, बुजुर्ग और असहाय मामलों में अधिकारियों को स्वयं आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी जरूरतमंद को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें और न ही ऐसी प्रताड़ना झेलनी पड़े।