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Auraiya News: गैंगस्टर मामले में पूर्व एमएलसी की रिहाई पर दोबारा लगा ग्रहण

संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Tue, 07 Apr 2026 12:28 AM IST
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Former MLC's release in gangster case again under threatFormer MLC's release in gangster case again under threat
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औरैया। दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी सपा के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। पुलिस के चक्रव्यूह में फंसकर एक बार फिर उनकी रिहाई पर ग्रहण लग गया है।
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गैंगस्टर के एक मामले में सजा सुनाए जाने के बाद कुछ ही महीनों में उनकी रिहाई होनी थी। इससे पहले ही पुलिस ने दोबारा बटन कारोबारी से रंगदारी वसूलने के आरोप में फिर से गैंगस्टर लगा दी। अब तक पुलिस गैंगस्टर में सह आरोपी बनाए गए पूर्व एमएलसी के गुर्गे अब्दुल सत्तार को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
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शहर में साल 2020 में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद कोतवाली पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक उनके दोनों भाई संतोष व रामू समेत अन्य पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई के बाद 24 मार्च को सभी दोषियों को सजा सुनाई। मामले में गनर को बरी कर दिया गया था। कमलेश पाठक को छह साल व अन्य दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई थी। बाकी दोषी तो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं लेकिन कमलेश पाठक की सजा में करीब तीन माह का समय बाकी था। ऐसे में चर्चा थी कि जल्द ही दोहरे हत्याकांड का फैसला भी आ सकता है।
इससे पहले सजा पूरी होती या दोहरे हत्याकांड का फैसला आता, पुलिस ने फिर से कमलेश पाठक पर गैंगस्टर लगा दी। इस बार सात जनवरी 2026 को बटन कारोबारी राजेश कुमार की ओर से दर्ज कराई गई रंगदारी वसूलने की प्राथमिकी को आधार बनाया गया है। पूर्व एमएलसी और उनके साथी अब्दुल सत्तार व दो अन्य के खिलाफ रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया था।
पुलिस के अनुसार कमलेश पाठक एक सक्रिय गिरोह का संचालन कर रहा था। वह शहर के व्यापारियों और आम लोगों को डरा-धमकाकर रंगदारी की मांग कर रहा था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और अब दोनों के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए गैंगस्टर की कार्रवाई तो कर दी, लेकिन अब्दुल सत्तार को तीन माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। पुलिस कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी जा रही है। जल्द उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अब्दुल जमीनों से अब्दुल सत्तार का है नाता
सदर कोतवाली के खानपुर गांव निवासी अब्दुल सत्तार का विवादित जमीनों से नाता जुड़ा है। पुलिस से बचने के लिए आरोपी एक पूर्व सांसद के संरक्षण में रहता है। सूत्रों की माने तो गांव खानपुर में हर विवादित जमीन में अब्दुल सत्तार के तार जुड़ें हैं। बताया जा रहा है कि कई बार लोगों ने इसके खिलाफ शिकायत की लेकिन शिकायत के बाद पूर्व सांसद पैरवी में उतर जाते थे।
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रंगदारी की प्राथमिकी के बाद हुआ था विरोध
पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के खिलाफ रंगदारी वसूलने की प्राथमिकी सात जनवरी 2026 को दर्ज हुई थी। उन पर अपने गुर्गों के माध्यम से जेल में बैठकर धमकाकर वसूली कराने का आरोप था। इस प्राथमिकी के बाद कुछ अधिवक्ताओं ने पूर्व एमएलसी के परिवार ने विरोध भी किया था।
पूर्व एमएलसी के बेटे तिलकराज पाठक ने सोशल मीडिया पर इसके विरोध में पोस्ट भी की थी। इस पर पुलिस ने तिलकराज के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। इसके बाद सभी ने चुप्पी साध ली। वहीं अब दूसरी बार पूर्व एमएलसी पर गैंगस्टर लगाए जाने से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
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