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Auraiya News: रिहाई की बंधी थी उम्मीद...नए मामले ने कर दिया ना-उम्मीद

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:58 PM IST
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Hopes for release had been raised... a new case dashed them.
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पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं


-जमानत पर रिहाई के बीच आ गया था बटन कारोबारी का रंगदारी व पुलिस का गैंगस्टर एक्ट
-पूर्व स्वास्थ्य कर्मी के मामले ने पूर्व एमएलसी के जेल से बाहर निकलने के मंसूबों पर फेरा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जिले के चर्चित दोहरे हत्याकांड के आरोपी व पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी हाल ही में हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में सुनाई गई सजा को निलंबित करते हुए सशर्त जमानत के आदेश दिए थे जिससे उनकी जेल से रिहाई की उम्मीदें जाग गई थीं लेकिन एक के बाद एक दर्ज मुकदमों के चक्रव्यूह ने उनकी राहें फिर मुश्किल कर दी हैं।
पहले से ही बटन कारोबारी की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी और उसके बाद पुलिस की ओर से लगाए गए गैंगस्टर एक्ट के चलते मामला अटका हुआ था। इस बीच बुधवार रात दर्ज हुए धोखाधड़ी के एक नए मामले ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
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शहर के मोहल्ला नारायण में 15 मार्च 2020 को अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा चौबे की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के अगले ही दिन 16 मार्च को पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को गिरफ्तार कर लिया था। हत्याकांड के बाद कोतवाली पुलिस ने 11 जुलाई 2020 को हत्यारोपी पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत अन्य सहयोगियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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इस गैंगस्टर मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने कमलेश पाठक समेत अन्य को 24 मार्च को सजा सुनाई थी जिसको बाद में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। गैंगस्टर मामले में हाईकोर्ट से 30 मई को कमलेश पाठक को राहत मिली थी। न्यायमूर्ति की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए कमलेश पाठक की सजा को निलंबित करने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने कहा था कि आरोपी पहले ही पांच साल नौ महीने की कैद काट चुका है जबकि इस मामले में सजा छह साल की है। अब केवल तीन महीने की सजा ही शेष बची है ऐसे में अपील लंबित रहने तक उन्हें जेल में रखना उचित नहीं है। सुनवाई के बाद उन्हें सशर्त रिहाई के आदेश दिए थे। हालांकि बटन कारोबारी राजेश कुमार की ओर से लिखाए गए रंगदारी व कोतवाली पुलिस के गैंगस्टर के मामले इस रिहाई के आड़े आ गए।


बटन कारोबारी के बाद आड़े आया पूर्व स्वास्थ्य कर्मी

कमलेश पाठक की रिहाई के आड़े लगातार नए मामले आते रहे। सात जनवरी को शहर के बटन कारोबारी राजेश कुमार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके गुर्गे अब्दुल सत्तार सहित दो अज्ञात के खिलाफ रंगदारी वसूलने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके करीब एक महीने बाद कोतवाली पुलिस ने इसी रंगदारी के मामले को आधार बनाकर आरोपियों पर दोबारा गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दिया। हालांकि इस मुकदमे को कमलेश पाठक की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी जिस पर सुनवाई चल रही थी कि इसी बीच बुधवार रात पूर्व स्वास्थ्य कर्मी से जुड़े मामले में धोखाधड़ी का एक और नया केस दर्ज हो गया, जिसने हत्यारोपियों की राह और कठिन कर दी है।
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