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Ayodhya News: फीडबैक पर फोकस, सर्वे से पहले खामियां दुरुस्त करने में जुटा निगम
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 10 Apr 2026 07:15 PM IST
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अयोध्या। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-2026 को लेकर नगर निगम अंतिम दौर की तैयारियों में जुट गया है। निगम ने 10 अप्रैल तक स्वच्छ भारत मिशन-शहरी पोर्टल पर सभी कार्यों का डेटा अपलोड कर दिया गया है। सर्वेक्षण टीम के 15 से 30 अप्रैल के बीच यहां आने की संभावना है। इसे देखते हुए निगम जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगा हुआ है।
निगम का दावा है कि नागरिकों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। इसमें सामने आ रही शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जा रहा है, जिससे सर्वे के दौरान किसी प्रकार की कमी न रह जाए। इसके साथ ही लोगों को घरों में ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पिछली बार प्रोसेसिंग व्यवस्था कमजोर रहने के कारण रैंकिंग 28वीं रही थी, लेकिन इस बार नगर निगम कचरा प्रबंधन को मजबूत कर टॉप-10 में जगह बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। शहर में छह एमआरएफ सेंटर संचालित हैं- मऊ शिवाला, मक्खापुर, कुशमाहा, पलिया शाहबादी, काशीराम कॉलोनी और पिरखौली। वहीं, पिरखौली में बने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अभी टेंडर प्रक्रिया के चलते शुरू नहीं हो पाया है, जिसे दो माह में चालू किया जा सकता है।
प्लास्टिक कचरे के पृथक संग्रहण के लिए दो विशेष गाड़ियां लगाई गई हैं, जो वार्डवार जाकर केवल प्लास्टिक कचरा एकत्र करेंगी और उसका अलग से निस्तारण किया जाएगा। नाले-नालियों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित देखरेख और शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा 25 से 30 बड़े संस्थानों को नोटिस देकर कचरे का पृथक्करण और प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। करीब 45 वार्डों में स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति का गठन किया गया है, जो निगरानी और जनजागरूकता का कार्य कर रही है। स्कूलों में भी स्वच्छता अभियान चलाकर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।
एसटीपी प्लांट से शोधन के बाद निकलने वाले पानी को फिर से उपयोग करने पर काम हो रहा है। प्रयास है कि इस पानी को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल किया जाए। साथ ही कचरा वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है और सफाई कर्मचारियों के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
इनसेट-
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि इस बार नगर निगम हर स्तर पर तैयारी कर रहा है। नागरिकों से मिल रहे फीडबैक के आधार पर कमियों को दूर किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वे कचरे का पृथक्करण करें और स्वच्छता अभियान में भागीदारी निभाएं, जिससे अयोध्या को टॉप-10 में स्थान मिल सके।
इनसेट-
अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम पूरी तरह तैयार है। पोर्टल पर सभी कार्यों को अपलोड कर दिया गया है। फील्ड पर सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। नागरिकों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है और जो शिकायतें मिल रही हैं, उनका तत्काल निस्तारण कराया जा रहा है।
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निगम का दावा है कि नागरिकों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। इसमें सामने आ रही शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जा रहा है, जिससे सर्वे के दौरान किसी प्रकार की कमी न रह जाए। इसके साथ ही लोगों को घरों में ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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पिछली बार प्रोसेसिंग व्यवस्था कमजोर रहने के कारण रैंकिंग 28वीं रही थी, लेकिन इस बार नगर निगम कचरा प्रबंधन को मजबूत कर टॉप-10 में जगह बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। शहर में छह एमआरएफ सेंटर संचालित हैं- मऊ शिवाला, मक्खापुर, कुशमाहा, पलिया शाहबादी, काशीराम कॉलोनी और पिरखौली। वहीं, पिरखौली में बने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अभी टेंडर प्रक्रिया के चलते शुरू नहीं हो पाया है, जिसे दो माह में चालू किया जा सकता है।
प्लास्टिक कचरे के पृथक संग्रहण के लिए दो विशेष गाड़ियां लगाई गई हैं, जो वार्डवार जाकर केवल प्लास्टिक कचरा एकत्र करेंगी और उसका अलग से निस्तारण किया जाएगा। नाले-नालियों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित देखरेख और शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा 25 से 30 बड़े संस्थानों को नोटिस देकर कचरे का पृथक्करण और प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। करीब 45 वार्डों में स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति का गठन किया गया है, जो निगरानी और जनजागरूकता का कार्य कर रही है। स्कूलों में भी स्वच्छता अभियान चलाकर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।
एसटीपी प्लांट से शोधन के बाद निकलने वाले पानी को फिर से उपयोग करने पर काम हो रहा है। प्रयास है कि इस पानी को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल किया जाए। साथ ही कचरा वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है और सफाई कर्मचारियों के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
इनसेट-
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि इस बार नगर निगम हर स्तर पर तैयारी कर रहा है। नागरिकों से मिल रहे फीडबैक के आधार पर कमियों को दूर किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वे कचरे का पृथक्करण करें और स्वच्छता अभियान में भागीदारी निभाएं, जिससे अयोध्या को टॉप-10 में स्थान मिल सके।
इनसेट-
अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम पूरी तरह तैयार है। पोर्टल पर सभी कार्यों को अपलोड कर दिया गया है। फील्ड पर सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। नागरिकों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है और जो शिकायतें मिल रही हैं, उनका तत्काल निस्तारण कराया जा रहा है।