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Ayodhya News: 38 नामों पर मंथन बाद बनी राम मंदिर की धार्मिक समिति
Wed, 29 Jul 2026 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:54 PM IST
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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की धार्मिक गतिविधियों को व्यवस्थित और परंपरानुसार संचालित करने के लिए गठित धार्मिक समिति के गठन से पहले 38 प्रमुख संतों और धर्माचार्यों के नामों पर व्यापक मंथन किया गया। कई दौर की चर्चा और विचार-विमर्श के बाद अंततः नौ संतों का चयन किया गया, जिन्हें समिति में स्थान दिया गया है।
समिति में चयनित सदस्यों में राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि , जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, योग पुरुष परमानंद, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ, महंत कमलनयन दास, अधिकारी राजकुमार दास, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, महंत डॉ. रामानंद दास तथा महंत दिनेंद्र दास शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार समिति के गठन को लेकर विभिन्न अखाड़ों, पीठों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े संतों के नामों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। उद्देश्य ऐसी समिति का गठन करना था, जो राम मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, उत्सवों, परंपराओं और आध्यात्मिक गतिविधियों के संचालन में मार्गदर्शन प्रदान कर सके।
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धार्मिक समिति के गठन के साथ अब मंदिर में आयोजित होने वाले प्रमुख धार्मिक आयोजनों, पर्व-उत्सवों, विशेष पूजन, वैदिक अनुष्ठानों और परंपराओं के निर्धारण में समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ट्रस्ट का मानना है कि विभिन्न संप्रदायों के अनुभवी संतों की भागीदारी से राम मंदिर की धार्मिक गरिमा और परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
टीईडीएक्स से लेकर सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं सदस्य
- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के मार्गदर्शन के लिए नौ सदस्यीय धार्मिक समिति का गठन किया है। समिति के नौ सदस्यों में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिलता है। इनमें टीईडीएक्स पर व्याख्यान देने वाले संत, सोशल मीडिया और लिंक्डइन पर सक्रिय धर्माचार्य, वेदों के विद्वान, योग गुरु, गुरुकुल संचालक तथा राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख संत शामिल हैं। गोविंद देव गिरि गुरुकुल और वैदिक विद्यालय का संचालन करते हैं। हनुमत निवास मंदिर के महंत आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण संस्कृत के विद्वान हैं। वह टीईडीएक्स यूथ जैसे मंचों पर व्याख्यान भी दे चुके हैं।
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समिति में चयनित सदस्यों में राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि , जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, योग पुरुष परमानंद, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ, महंत कमलनयन दास, अधिकारी राजकुमार दास, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, महंत डॉ. रामानंद दास तथा महंत दिनेंद्र दास शामिल हैं।
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सूत्रों के अनुसार समिति के गठन को लेकर विभिन्न अखाड़ों, पीठों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े संतों के नामों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। उद्देश्य ऐसी समिति का गठन करना था, जो राम मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, उत्सवों, परंपराओं और आध्यात्मिक गतिविधियों के संचालन में मार्गदर्शन प्रदान कर सके।
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धार्मिक समिति के गठन के साथ अब मंदिर में आयोजित होने वाले प्रमुख धार्मिक आयोजनों, पर्व-उत्सवों, विशेष पूजन, वैदिक अनुष्ठानों और परंपराओं के निर्धारण में समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ट्रस्ट का मानना है कि विभिन्न संप्रदायों के अनुभवी संतों की भागीदारी से राम मंदिर की धार्मिक गरिमा और परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
टीईडीएक्स से लेकर सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं सदस्य
- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के मार्गदर्शन के लिए नौ सदस्यीय धार्मिक समिति का गठन किया है। समिति के नौ सदस्यों में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिलता है। इनमें टीईडीएक्स पर व्याख्यान देने वाले संत, सोशल मीडिया और लिंक्डइन पर सक्रिय धर्माचार्य, वेदों के विद्वान, योग गुरु, गुरुकुल संचालक तथा राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख संत शामिल हैं। गोविंद देव गिरि गुरुकुल और वैदिक विद्यालय का संचालन करते हैं। हनुमत निवास मंदिर के महंत आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण संस्कृत के विद्वान हैं। वह टीईडीएक्स यूथ जैसे मंचों पर व्याख्यान भी दे चुके हैं।