{"_id":"6a820149763684ba6b0a6d22","slug":"river-24-cm-away-from-danger-mark-ayodhya-news-c-97-1-ayo1044-156488-2026-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: खतरे के निशान से 24 सेमी दूर नदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: खतरे के निशान से 24 सेमी दूर नदी
विज्ञापन
सरयू में बाढ़-सं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शुजागंज। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से कैथी माझा और मरौचा माझा गांवों में दुश्वारियां बढ़ गई हैं। नदी का जलस्तर शनिवार सुबह 8 बजे 92.43 मीटर दर्ज किया गया था, जो रविवार शाम 6 बजे बढ़कर 92.49 मीटर पहुंच गया। नदी का खतरे का निशान 92.73 मीटर है। नदी खतरे के निशान से महज 24 सेमी दूर है।
कैथी माझा के निवासी फूल बहादुर ने बताया कि पानी खेतों के पास पहुंच गया है। तहसील प्रशासन से हमें केवल छिटपुट मदद मिलती है, जिससे नुकसान की भरपाई नहीं होती। मरौचा माझा के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में लगाई गई नाव छोटी हैं, जिससे आने-जाने में दिक्कत हो रही है। तिलक राम ने कहा कि यदि प्रशासन बड़ी नाव लगा दे तो अच्छा रहेगा। ग्रामीणों को डर है कि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो उनके घरों में पानी भर जाएगा। बारिश और खराब सोलर पैनल के कारण उन्हें अंधेरे में रहना पड़ रहा है। डीएम ने लाइट की व्यवस्था का आश्वासन दिया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इन बाढ़ प्रभावित गांवों के निवासियों को हर साल चार महीने परेशानी झेलनी पड़ती है। इससे उनका जीवन आज भी आधुनिक सुविधाओं से दूर है।
विज्ञापन
बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार हैं। परेशान लोगों को मदद पहुंचाई जा रही है।
विनोद कुमार गुप्ता, एसडीएम रुदौली