UP: अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन की सुरक्षा राम भरोसे, 173 में 149 कैमरे बंद; चोरी-हादसे की जांच में होगी मुश्किल
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन की सुरक्षा राम भरोसे है। यहां 173 में 149 कैमरे बंद हैं। कैमरे बंद होने से स्टेशन परिसर में चोरी या हादसे की जांच में मुश्किल हो सकती है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
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यूपी के अयोध्या में सावन मेले की शुरुआत के साथ अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन, सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन की चूक का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्टेशन पर संचालित 173 सीसीटीवी कैमरों से 149 कैमरे बंद हैं या काम नहीं कर रहे।
इससे न सिर्फ स्टेशन की निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि यह लापरवाही सुरक्षा के लिहाज से भी भारी पड़ सकती है। बृहस्पतिवार को केवल 24 कैमरे ही सक्रिय थे। कैमरे बंद होने से स्टेशन के कई हिस्से निगरानी के दायरे से बाहर हो गए हैं। ऐसे में विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में अयोध्या धाम स्टेशन को विकसित करने का दावा महज कागजी साबित हो रहा है।
संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एसएनटी कंपनी के पास
स्टेशन परिसर में कुल 208 सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं। इनमें प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म, होल्डिंग एरिया, फुटओवर ब्रिज, परिसंचरण क्षेत्र और अन्य संवेदनशील स्थान शामिल हैं। स्टेशन सूत्रों के अनुसार, ऊंचाई पर लगाए गए 15 कैमरे भी पूरी तरह बंद हैं। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में कैमरे चालू नहीं हो सके और लगभग 30 कैमरे ही काम कर रहे थे। सीसीटीवी नेटवर्क के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एसएनटी कंपनी के पास है।
कैसे करेंगे पहचान?
रेलवे स्टेशन पर में यदि भीड़ के दौरान किसी यात्री का सामान चोरी हो जाए, कोई बच्चा बिछड़ जाए या कोई आपराधिक घटना हो, तो जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल का फुटेज जुटाने की होगी। बड़ी संख्या में कैमरे बंद रहने से किसी घटना के बाद संदिग्धों की पहचान और घटनाक्रम की पुष्टि कठिन हो सकती है। सावन में रोजाना बढ़ रही भीड़ के बीच यात्री यदि अपना सामान असुरक्षित छोड़ते हैं तो उसे तलाशना और जिम्मेदारी तय करना भी मुश्किल हो सकता है।
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास प्रथम चरण में 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया था। इसे आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी नेटवर्क, लिफ्ट, एस्केलेटर, प्रतीक्षालय, क्लॉक रूम, फूड प्लाजा और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं के साथ विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित करने का दावा किया गया था।
सावन मेले से पहले सभी कैमरे सक्रिय हो जाएंगे
दिसंबर 2023 में इसके उद्घाटन के समय इसे तीर्थ यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अत्याधुनिक और सुरक्षित स्टेशन बताया गया था। धाम स्टेशन के आरपीएफ प्रभारी नीरव मिश्रा ने बताया कि बंदरों के उत्पात के चलते कुछ कैमरे नहीं चल रहे हैं, जबकि परिसर में कैमरों की मेंटेनेंस का कार्य भी चल रहा है, इसी वजह से कई कैमरे बंद हैं। सावन मेले से पहले सभी कैमरे सक्रिय हो जाएंगे।