{"_id":"696e5d37336fb96ecb0aaa0c","slug":"tax-evasion-detected-in-116-vehicles-rs-133-crore-deposited-ayodhya-news-c-97-1-ayo1005-141452-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: 116 वाहनों में पकड़ी गई कर चोरी, जमा कराए 1.33 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: 116 वाहनों में पकड़ी गई कर चोरी, जमा कराए 1.33 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 19 Jan 2026 10:05 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। स्टेट जीएसटी के सचल दल ने दिसंबर में कर चोरी रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान टीमों ने 116 वाहनों में कर चोरी पकड़ी, जिनसे 1.33 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। इनमें कुछ लोगों पर विधिक कार्रवाई भी की गई है।
स्टेट जीएसटी के अयोध्या जोन में सचल दल की पांच टीमें काम करती हैं। इन्हें राज्य मुख्यालय से दिसंबर में 3250 वाहनों की जांच का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष टीमों ने 7,383 वाहनों की जांच की। इनमें 116 वाहन कर चोरी के दोषी पाए गए। इनमें 40 वाहन संवेदनशील श्रेणी की वस्तुएं लादे हुए थे, जिनसे जुर्माना वसूला गया है।
अपर आयुक्त ग्रेड-1 संतोष कुमार ने बताया कि आयरन स्टील लदे 17 वाहनों से 34.06 लाख, पान मसाला लदे चार वाहनों से 11.41 लाख, वुड एंड टिंबर लदे पांच वाहनों से 6.52 लाख, सीमेंट लदे दो वाहनों से दो लाख और कोयला लदे एक वाहन से एक लाख रुपये जमा कराए गए हैं। ज्यादातर मामलों में बगैर ई वे बिल के सामान की आपूर्ति की जा रही थी। कई मामलों में तो एक ही ई वे बिल का दो या तीन बार भी प्रयोग किया गया था। जनवरी में अभियान और व्यापक किया गया है।
Trending Videos
स्टेट जीएसटी के अयोध्या जोन में सचल दल की पांच टीमें काम करती हैं। इन्हें राज्य मुख्यालय से दिसंबर में 3250 वाहनों की जांच का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष टीमों ने 7,383 वाहनों की जांच की। इनमें 116 वाहन कर चोरी के दोषी पाए गए। इनमें 40 वाहन संवेदनशील श्रेणी की वस्तुएं लादे हुए थे, जिनसे जुर्माना वसूला गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अपर आयुक्त ग्रेड-1 संतोष कुमार ने बताया कि आयरन स्टील लदे 17 वाहनों से 34.06 लाख, पान मसाला लदे चार वाहनों से 11.41 लाख, वुड एंड टिंबर लदे पांच वाहनों से 6.52 लाख, सीमेंट लदे दो वाहनों से दो लाख और कोयला लदे एक वाहन से एक लाख रुपये जमा कराए गए हैं। ज्यादातर मामलों में बगैर ई वे बिल के सामान की आपूर्ति की जा रही थी। कई मामलों में तो एक ही ई वे बिल का दो या तीन बार भी प्रयोग किया गया था। जनवरी में अभियान और व्यापक किया गया है।
