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Ayodhya News: गर्मी की छुट्टी में जनगणना करेंगे गुरुजी, 22 मई से होगा घर-घर सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 10 Apr 2026 07:17 PM IST
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अयोध्या। जिले में जनगणना-2027 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस बार जनगणना कार्य में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है। इसके लिए 90 शिक्षकों को जनगणना ट्रेनर नियुक्त किया गया है।
अन्य शिक्षकों को जनगणना में पर्यवेक्षकों के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में होगा। प्रशिक्षण दो चरणों में 16 से 18 अप्रैल और फिर 20 से 22 अप्रैल तक चलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 22 मई से जिले में घर-घर जाकर जनगणना का काम शुरू होगा। अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण 16 से 22 अप्रैल तक चरणबद्ध तरीके से आयोजित होगा। जनगणना का पहला चरण गर्मी की छुट्टियों के दौरान ही शुरू हो रहा है। इससे बड़ी संख्या में शिक्षकों की छुट्टियां प्रभावित होंगी। उन्हें मई-जून में अवकाश का लाभ उठाने के बजाय सरकारी जिम्मेदारी निभानी होगी।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। इसके चलते शिक्षकों को टैबलेट और मोबाइल एप के जरिए डेटा संग्रहण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें डेटा अपलोडिंग का भी विशेष प्रशिक्षण मिलेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो। मकान सूचीकरण के दौरान कुल 33 अनिवार्य प्रश्न पूछे जाएंगे। इन सवालों के जरिये न केवल जनसंख्या का आंकड़ा जुटाया जाएगा, बल्कि लोगों के जीवन स्तर और सुविधाओं का भी आकलन होगा। 2011 की जनगणना के मुकाबले इस बार कई नए पहलुओं को जोड़ा गया है। अब घर में इंटरनेट सुविधा, स्मार्टफोन, लैपटॉप और मोबाइल फोन जैसी डिजिटल पहुंच की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा पेयजल का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, रसोईघर और खाना पकाने के साधनों से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी।
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अन्य शिक्षकों को जनगणना में पर्यवेक्षकों के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में होगा। प्रशिक्षण दो चरणों में 16 से 18 अप्रैल और फिर 20 से 22 अप्रैल तक चलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 22 मई से जिले में घर-घर जाकर जनगणना का काम शुरू होगा। अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण 16 से 22 अप्रैल तक चरणबद्ध तरीके से आयोजित होगा। जनगणना का पहला चरण गर्मी की छुट्टियों के दौरान ही शुरू हो रहा है। इससे बड़ी संख्या में शिक्षकों की छुट्टियां प्रभावित होंगी। उन्हें मई-जून में अवकाश का लाभ उठाने के बजाय सरकारी जिम्मेदारी निभानी होगी।
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इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। इसके चलते शिक्षकों को टैबलेट और मोबाइल एप के जरिए डेटा संग्रहण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें डेटा अपलोडिंग का भी विशेष प्रशिक्षण मिलेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो। मकान सूचीकरण के दौरान कुल 33 अनिवार्य प्रश्न पूछे जाएंगे। इन सवालों के जरिये न केवल जनसंख्या का आंकड़ा जुटाया जाएगा, बल्कि लोगों के जीवन स्तर और सुविधाओं का भी आकलन होगा। 2011 की जनगणना के मुकाबले इस बार कई नए पहलुओं को जोड़ा गया है। अब घर में इंटरनेट सुविधा, स्मार्टफोन, लैपटॉप और मोबाइल फोन जैसी डिजिटल पहुंच की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा पेयजल का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, रसोईघर और खाना पकाने के साधनों से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी।