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Ayodhya News: संत रामभक्तों को देंगे भरोसे और संयम का संदेश
Sun, 12 Jul 2026 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 12 Jul 2026 11:09 PM IST
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नितिन मिश्रा
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद उपजे घटनाक्रम के बीच 23 जुलाई को अयोध्या में संत समाज की बड़ी बैठक होने जा रही है। इस बैठक को मौजूदा परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण संदेश देने वाले मंच के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि संत समाज रामभक्तों से संयम बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति से दूर रहने की अपील करेगा।
बैठक ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब एक दिन पहले 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसी दौरान चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट भी सामने आने की संभावना है। ऐसे में ट्रस्ट के फैसलों और जांच रिपोर्ट के बाद संत समाज का रुख काफी अहम माना जा रहा है। बैठक पहले 14 जुलाई को प्रस्तावित थी लेकिन अपरिहार्य कारणों से बैठक स्थगित कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, अयोध्या के प्रमुख अखाड़ों, मठों और मंदिरों के संत-महंत इस बैठक में शामिल होंगे।
चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में संत समाज की कोशिश रहेगी कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर समाज और रामभक्तों के बीच किसी प्रकार का नकारात्मक माहौल या अविश्वास पैदा न हो। संत श्रद्धालुओं से अपील कर सकते हैं कि अफवाहों से बचें और सत्यापित तथ्यों पर ही भरोसा करें। माना जा रहा है कि बैठक में राम मंदिर आंदोलन की गरिमा, मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता, श्रद्धालुओं का विश्वास जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
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संतों से संपर्क कर रहे संघ के कार्यकर्ता
- संघ से जुड़े कार्यकर्ता भी मठ-मंदिरों में जाकर संतों से संपर्क कर रहे हैं और अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए संघ के वरिष्ठ प्रचारक गंगा सिंह और मनोत कांत ने मोर्चा संभाल रखा और निरंतर साधु-संतों से भेंट कर बैठक में पहुंचने की अपील कर रहे हैं। महंत जयराम दास भी साधु-संतों को बैठक के लिए प्रेरित कर रहे हैं।संत समाज इस बात पर भी जोर दे सकता है कि किसी एक घटना के कारण करोड़ों रामभक्तों की आस्था और वर्षों के आंदोलन की उपलब्धि पर प्रश्नचिह्न नहीं लगना चाहिए।
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अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद उपजे घटनाक्रम के बीच 23 जुलाई को अयोध्या में संत समाज की बड़ी बैठक होने जा रही है। इस बैठक को मौजूदा परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण संदेश देने वाले मंच के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि संत समाज रामभक्तों से संयम बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति से दूर रहने की अपील करेगा।
बैठक ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब एक दिन पहले 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसी दौरान चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट भी सामने आने की संभावना है। ऐसे में ट्रस्ट के फैसलों और जांच रिपोर्ट के बाद संत समाज का रुख काफी अहम माना जा रहा है। बैठक पहले 14 जुलाई को प्रस्तावित थी लेकिन अपरिहार्य कारणों से बैठक स्थगित कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, अयोध्या के प्रमुख अखाड़ों, मठों और मंदिरों के संत-महंत इस बैठक में शामिल होंगे।
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चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में संत समाज की कोशिश रहेगी कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर समाज और रामभक्तों के बीच किसी प्रकार का नकारात्मक माहौल या अविश्वास पैदा न हो। संत श्रद्धालुओं से अपील कर सकते हैं कि अफवाहों से बचें और सत्यापित तथ्यों पर ही भरोसा करें। माना जा रहा है कि बैठक में राम मंदिर आंदोलन की गरिमा, मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता, श्रद्धालुओं का विश्वास जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
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संतों से संपर्क कर रहे संघ के कार्यकर्ता
- संघ से जुड़े कार्यकर्ता भी मठ-मंदिरों में जाकर संतों से संपर्क कर रहे हैं और अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए संघ के वरिष्ठ प्रचारक गंगा सिंह और मनोत कांत ने मोर्चा संभाल रखा और निरंतर साधु-संतों से भेंट कर बैठक में पहुंचने की अपील कर रहे हैं। महंत जयराम दास भी साधु-संतों को बैठक के लिए प्रेरित कर रहे हैं।संत समाज इस बात पर भी जोर दे सकता है कि किसी एक घटना के कारण करोड़ों रामभक्तों की आस्था और वर्षों के आंदोलन की उपलब्धि पर प्रश्नचिह्न नहीं लगना चाहिए।