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Ayodhya News: राम मंदिर समर्पण पर सवाल उठाने का सिंधी समाज ने किया विरोध
Sun, 12 Jul 2026 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 12 Jul 2026 11:20 PM IST
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प्रेसवार्ता में जानकारी देते नरेश क्षेत्रपाल साथ में मुकेश तुलानी, सुमित मखेजा, संदीप मंध्यान औ
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अयोध्या। सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने राम मंदिर निर्माण के लिए समाज के समर्पण पर सवाल उठाए जाने का विरोध किया है। रविवार को रामनगर स्थित संत नवलराम दरबार में आयोजित प्रेसवार्ता में समाज ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर पूरा विश्वास जताया।
वक्ताओं ने कहा कि दान का हिसाब मांगना उचित नहीं है। समाज ने हमेशा भगवान राम और सनातन परंपरा के प्रति आस्था के साथ योगदान दिया है।
प्रेसवार्ता में नरेश क्षेत्रपाल, संदीप, सुमित, मुकेश और देव कुमार ने बताया कि 1947 के विभाजन के समय सिंधी समाज धर्म की रक्षा के लिए भारत आया था। भगवान राम के प्रति आस्था के कारण ही अयोध्या में बसाई गई कॉलोनी का नाम रामनगर रखा गया। 1984 में राम मंदिर आंदोलन शुरू होने पर अयोध्या के सिंधी समाज ने विश्व हिंदू परिषद को एक लाख रुपये का सहयोग दिया था। राम मंदिर निर्माण के समय सिंधी समाज के लोगों ने मिलकर 200 ईंट दान की थीं।
वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोगों की ओर से समर्पण पर सवाल उठाए जाने से समाज आहत है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही। उनका कहना था कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, लेकिन तथ्यों के सामने आए बिना समाज के समर्पण पर प्रश्न उठाना उचित नहीं है। इस दौरान सिंधी समाज के कई सदस्य मौजूद रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि दान का हिसाब मांगना उचित नहीं है। समाज ने हमेशा भगवान राम और सनातन परंपरा के प्रति आस्था के साथ योगदान दिया है।
प्रेसवार्ता में नरेश क्षेत्रपाल, संदीप, सुमित, मुकेश और देव कुमार ने बताया कि 1947 के विभाजन के समय सिंधी समाज धर्म की रक्षा के लिए भारत आया था। भगवान राम के प्रति आस्था के कारण ही अयोध्या में बसाई गई कॉलोनी का नाम रामनगर रखा गया। 1984 में राम मंदिर आंदोलन शुरू होने पर अयोध्या के सिंधी समाज ने विश्व हिंदू परिषद को एक लाख रुपये का सहयोग दिया था। राम मंदिर निर्माण के समय सिंधी समाज के लोगों ने मिलकर 200 ईंट दान की थीं।
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वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोगों की ओर से समर्पण पर सवाल उठाए जाने से समाज आहत है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही। उनका कहना था कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, लेकिन तथ्यों के सामने आए बिना समाज के समर्पण पर प्रश्न उठाना उचित नहीं है। इस दौरान सिंधी समाज के कई सदस्य मौजूद रहे।
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