{"_id":"6a318a57fe61a27b2c078470","slug":"the-sit-is-scrutinizing-the-entire-record-from-2021-to-the-present-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-151894-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: 2021 से अब तक का पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही एसआईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: 2021 से अब तक का पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही एसआईटी
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:09 PM IST
विज्ञापन
राम मंदिर में प्रवेश करती एसआईटी की टीम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नितिन मिश्र
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी दानराशि गड़बड़ी प्रकरण की जांच में जुटी एसआईटी अब वर्ष 2021 से लेकर वर्तमान तक के पूरे रिकॉर्ड को खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों ने मंदिर परिसर और उससे जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं में कार्यरत रहे लोगों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। इसके तहत ट्रस्ट से उन कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों की सूची भी मांगी गई है, जो पिछले वर्षों में विभिन्न व्यवस्थाओं में लगाए गए थे।
जानकारी के मुताबिक मंदिर परिसर, दर्शन व्यवस्था, अतिथि प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय, सुरक्षा सहयोग और अन्य व्यवस्थाओं में करीब डेढ़ सौ लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी बताई जा रही है जो अयोध्या के बाहर से आए और समय के साथ महत्वपूर्ण दायित्व संभालने लगे।
सूत्र बताते हैं कि एसआईटी यह भी पता लगा रही है कि इन लोगों की नियुक्ति या तैनाती किस प्रक्रिया के तहत हुई, उन्हें कौन-कौन सी जिम्मेदारियां दी गईं और उनकी कार्यप्रणाली की निगरानी किस स्तर पर की जाती थी। जांच का उद्देश्य यह समझना है कि व्यवस्थागत स्तर पर कहीं ऐसी खामियां तो नहीं थीं जिनका लाभ उठाकर वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियां संबंधित अभिलेखों, अनुमोदनों, उपस्थिति विवरण, दायित्व निर्धारण और आंतरिक संचार से जुड़े दस्तावेजों का भी परीक्षण कर रही हैं। माना जा रहा है कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में व्यवस्थागत कमियों और जवाबदेही तय करने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हो सकते हैं।(संवाद)
विज्ञापन
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी दानराशि गड़बड़ी प्रकरण की जांच में जुटी एसआईटी अब वर्ष 2021 से लेकर वर्तमान तक के पूरे रिकॉर्ड को खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों ने मंदिर परिसर और उससे जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं में कार्यरत रहे लोगों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। इसके तहत ट्रस्ट से उन कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों की सूची भी मांगी गई है, जो पिछले वर्षों में विभिन्न व्यवस्थाओं में लगाए गए थे।
जानकारी के मुताबिक मंदिर परिसर, दर्शन व्यवस्था, अतिथि प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय, सुरक्षा सहयोग और अन्य व्यवस्थाओं में करीब डेढ़ सौ लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी बताई जा रही है जो अयोध्या के बाहर से आए और समय के साथ महत्वपूर्ण दायित्व संभालने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि एसआईटी यह भी पता लगा रही है कि इन लोगों की नियुक्ति या तैनाती किस प्रक्रिया के तहत हुई, उन्हें कौन-कौन सी जिम्मेदारियां दी गईं और उनकी कार्यप्रणाली की निगरानी किस स्तर पर की जाती थी। जांच का उद्देश्य यह समझना है कि व्यवस्थागत स्तर पर कहीं ऐसी खामियां तो नहीं थीं जिनका लाभ उठाकर वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियां संबंधित अभिलेखों, अनुमोदनों, उपस्थिति विवरण, दायित्व निर्धारण और आंतरिक संचार से जुड़े दस्तावेजों का भी परीक्षण कर रही हैं। माना जा रहा है कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में व्यवस्थागत कमियों और जवाबदेही तय करने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हो सकते हैं।(संवाद)