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Ayodhya News: अवध विवि में योग का किया गया पूर्वाभ्यास
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फोटो 35
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए योग प्रोटोकॉल का पूर्वाभ्यास किया गया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देना और योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा में संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने युवाओं से नियमित योगाभ्यास को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि योग भारतीय ज्ञान-परंपरा का जीवन-दर्शन है, जो व्यक्ति को स्वयं, समाज और प्रकृति से जोड़ता है। पूर्वाभ्यास में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का अंग बनाने का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 जून के मुख्य कार्यक्रम में अधिक भागीदारी की अपील की। (संवाद)
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंध एवं उद्यमिता विभाग ने 'विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश' पर संगोष्ठी आयोजित की। यस पक्का लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक गौतम घोष ने कहा, भारत ने औद्योगिक विकास, आत्मनिर्भरता और विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनीषा पांडेय ने स्वस्थ नागरिकों को विकसित राष्ट्र की आधारशिला बताया। उन्होंने युवाओं को स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति संवेदनशील होने का आह्वान किया। प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल दिया। विभाग के प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने विकसित भारत-2047 के लिए सामाजिक समावेशन और सांस्कृतिक संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया।
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए योग प्रोटोकॉल का पूर्वाभ्यास किया गया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देना और योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा में संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने युवाओं से नियमित योगाभ्यास को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि योग भारतीय ज्ञान-परंपरा का जीवन-दर्शन है, जो व्यक्ति को स्वयं, समाज और प्रकृति से जोड़ता है। पूर्वाभ्यास में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का अंग बनाने का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 जून के मुख्य कार्यक्रम में अधिक भागीदारी की अपील की। (संवाद)
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंध एवं उद्यमिता विभाग ने 'विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश' पर संगोष्ठी आयोजित की। यस पक्का लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक गौतम घोष ने कहा, भारत ने औद्योगिक विकास, आत्मनिर्भरता और विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनीषा पांडेय ने स्वस्थ नागरिकों को विकसित राष्ट्र की आधारशिला बताया। उन्होंने युवाओं को स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति संवेदनशील होने का आह्वान किया। प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल दिया। विभाग के प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने विकसित भारत-2047 के लिए सामाजिक समावेशन और सांस्कृतिक संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया।