{"_id":"69ff7170a928fff2e306fffb","slug":"accused-of-obstructing-mnrega-work-laborers-reached-the-police-station-azamgarh-news-c-258-1-svns1002-149900-2026-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: मनरेगा कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप, थाने पहुंचे मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: मनरेगा कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप, थाने पहुंचे मजदूर
विज्ञापन
बरदह थाने पर पहुंचे बैरी चंद्र गांव के मनरेगा मजदूर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ठेकमा। बरदह थाना क्षेत्र के बैरी चंद्र गांव में मनरेगा कार्य को लेकर विवाद गहरा गया। शनिवार को गांव के दर्जनों महिला और पुरुष मनरेगा मजदूर फावड़ा व तसला लेकर थाने पहुंच गए और दो लोगों पर कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए प्रभारी समाधान दिवस में शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
गांव निवासी श्याम दुलारी तहरीर में आरोप लगाया कि देवरानी पोखरी पर लगभग 70 महिला और पुरुष मजदूर खोदाई कर रहे थे। इसी दौरान गांव के दो युवक मौके पर पहुंचे और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कार्य को फर्जी बताकर मजदूरों को काम करने से रोकने लगे। आरोप है कि दोनों पहले भी कई बार मौके पर पहुंचकर फोटो खींचते हुए काम बंद कराने का प्रयास कर चुके हैं। वहीं दूसरे पक्ष के शिवांग सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान रामसकल द्वारा पोखरी पर बच्चों से मनरेगा का कार्य कराया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि फोटो खींचने पर ग्राम प्रधान समेत कुछ लोगों ने उन्हें दौड़ा लिया। शिवांग सिंह ने कहा कि ग्राम सभा के विकास कार्यों को लेकर पहले भी जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी, जिस पर जांच भी हुई थी। ग्राम प्रधान रामसकल राजभर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि गांव के दो लोग लगातार विकास कार्यों का विरोध करते हैं और मजदूरों को धमकाते हैं। इस दौरान मीरा, सुनीता, गौरी, मनीषा, कुसुम, विमला, सीता, अग्नु, अर्जुन, कन्हैया राम और ललई समेत कई मजदूर थाने पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर मिली है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
गांव निवासी श्याम दुलारी तहरीर में आरोप लगाया कि देवरानी पोखरी पर लगभग 70 महिला और पुरुष मजदूर खोदाई कर रहे थे। इसी दौरान गांव के दो युवक मौके पर पहुंचे और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कार्य को फर्जी बताकर मजदूरों को काम करने से रोकने लगे। आरोप है कि दोनों पहले भी कई बार मौके पर पहुंचकर फोटो खींचते हुए काम बंद कराने का प्रयास कर चुके हैं। वहीं दूसरे पक्ष के शिवांग सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान रामसकल द्वारा पोखरी पर बच्चों से मनरेगा का कार्य कराया जा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि फोटो खींचने पर ग्राम प्रधान समेत कुछ लोगों ने उन्हें दौड़ा लिया। शिवांग सिंह ने कहा कि ग्राम सभा के विकास कार्यों को लेकर पहले भी जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी, जिस पर जांच भी हुई थी। ग्राम प्रधान रामसकल राजभर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि गांव के दो लोग लगातार विकास कार्यों का विरोध करते हैं और मजदूरों को धमकाते हैं। इस दौरान मीरा, सुनीता, गौरी, मनीषा, कुसुम, विमला, सीता, अग्नु, अर्जुन, कन्हैया राम और ललई समेत कई मजदूर थाने पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर मिली है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।