UP: फार्मर रजिस्ट्री के नाम पर 100 रुपये वसूलने का आरोप, DM बोले-सीएससी संचालकों पर दर्ज करें FIR; जानें मामला
Azamgarh News: आजमगढ़ में डीएम ने फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने तथा कठोर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए।
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UP News: प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाली फॉर्मर रजिस्ट्री योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने जनपद के सबसे कम फॉर्मर रजिस्ट्री वाले ब्लॉक जहानागंज के ग्राम मित्तूपुर एवं दौलताबाद का स्थलीय निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।
किसानों ने आरोप लगाया कि कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक फॉर्मर रजिस्ट्री के नाम पर 100 रुपये वसूल रहे हैं और बार-बार दौड़ाया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने उप निदेशक कृषि को संबंधित सीएससी संचालकों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि ग्राम मित्तूपुर में कुल 871 किसानों में से 600 की फॉर्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है, जबकि 271 किसान अब भी शेष हैं। पंचायत सहायक ने बताया कि आधार कार्ड व खतौनी में नाम की भिन्नता तथा फिंगर प्रिंट न लग पाने के कारण कई किसानों की रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शेष किसानों को आवश्यक अभिलेखों की स्पष्ट जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि उन्हें फॉर्मर रजिस्ट्री को लेकर समय से कोई सूचना नहीं दी गई, इसके कारण वे पंजीकरण नहीं करवा सके। जिलाधिकारी ने सूची में दर्ज किसानों फूलचंद, गोविंद प्रसाद एवं अजय कुमार से एडीओ कृषि के माध्यम से फोन पर सत्यापन भी कराया।
रोज 10 गांवों का करें भ्रमण, दें सूचीं, नहीं तो रुकेगा वेतन
डीएम ने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिया कि स्वयं सहित सभी विभागीय अधिकारी प्रतिदिन कम से कम 10 गांवों का भ्रमण करें। जिन अधिकारियों को ग्राम भ्रमण की जिम्मेदारी दी गई थी, उनसे उसी दिन भ्रमण किए गए गांवों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया। सूची न देने पर वेतन रोकने और प्रमुख सचिव को पत्राचार करने की चेतावनी भी दी गई।
उप कृषि निदेशक से स्पष्टीकरण तलब
निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन दौलताबाद में किसानों ने बताया कि कुल 859 किसानों में से 448 की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है, जबकि 348 किसानों के नाम अभी सूची में दर्ज नहीं हैं। किसानों ने यह भी शिकायत की कि वरासत के बाद भी भूलेख पर पुराना डाटा दर्ज है। इस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को संबंधित मामलों में स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए तथा उप जिलाधिकारी को आदेश दिया कि लेखपालों से वरासत प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निस्तारण कराया जाए। फार्मर रजिस्ट्री कार्य में शिथिलता एवं प्रभावी पर्यवेक्षण न करने पर जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
