Mohammad Sheikh: हार्डवेयर की दुकान पर बैठता था आजमगढ़ का मोहम्मद शेख, पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़ा कनेक्शन
Azamgarh News: आजमगढ़ से गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद शेख जिले के खुदादादपुर स्थित अपनी हार्डवेयर की दुकान पर बैठता था। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के बाद लोग हैरान हैं, उनका कहना है कि उसकी कथित गतिविधियों की जानकारी किसी को नहीं थी।
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निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर (संजरपुर) निवासी मोहम्मद शेख स्थानीय स्तर पर एक सामान्य युवक के रूप में जाना जाता था। वह खुदादादपुर स्थित अपनी हार्डवेयर की दुकान पर बैठता था और पारिवारिक कारोबार में हाथ बंटाता था। एटीएस की कार्रवाई के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें उसकी कथित गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। वहीं, एटीएस अब उसके सामाजिक, डिजिटल और आर्थिक संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियों का दायरा कितना व्यापक था।

10 दिन पहले भी एटीएस ने की थी पूछताछ
निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर (संजरपुर) निवासी मोहम्मद शेख के पिता रेय को करीब 10 दिन पूर्व भी एटीएस की टीम पूछताछ के लिए अपने साथ वाराणसी ले गई थी। उस दौरान उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों के संबंध में पूछताछ की गई थी। दो दिन बाद उसे छोड़ दिया। इसके बाद रविवार को एटीएस ने दोबारा कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। मो. शेख कक्षा आठ तक पढ़ाई किया है। चार पुत्री और दो पुत्रों में यह दूसरे नंबर था।
एटीएस के जिले में आने की सूचना मिली थी। वह निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर निवासी मोहम्मद शेख को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। एटीएस उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। -डॉ. अनिल कुमार, एसपी
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने रविवार को निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर (संजरपुर) निवासी मोहम्मद शेख को गिरफ्तार कर लिया। एटीएस का दावा है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी नेटवर्क के संपर्क में था और सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को जोड़ने और उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रेरित करने की कोशिश कर रहा था।
एटीएस के अनुसार उसे सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और आतंकी संगठनों से जुड़े तत्व, कथित पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क के माध्यम से भारत के युवाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जोड़ रहे हैं। आरोप है कि युवाओं को धन और धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर कथित तौर पर स्लीपर सेल के रूप में तैयार करने की कोशिश की जा रही थी। इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक निगरानी के दौरान एटीएस की जांच में निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर (संजरपुर) निवासी मोहम्मद शेख का नाम सामने आया।
एटीएस का आरोप है कि वह कथित नेटवर्क के संपर्क में था और उसके विचारों से प्रभावित होकर अन्य युवकों को भी उससे जोड़ने का प्रयास कर रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी को कथित तौर पर एक अन्य राज्य की राजनीतिक पार्टी की महिला नेत्री को धमकाने और उनकी हत्या करने का टास्क दिया गया था। एटीएस दावा है कि आरोपी इस कथित मिशन की तैयारी कर रहा था और उसने एक पिस्टल और कारतूस की व्यवस्था भी कर ली थी।
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी को कथित रूप से शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े अन्य विदेशी हैंडलरों द्वारा संचालित किया जा रहा था। एटीएस अब उसके संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की जांच कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम परीक्षण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।