फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   August 14th is a dark chapter in the history of our country.

Azamgarh News: 14 अगस्त का दिन हमारे देश के इतिहास का काला अध्याय

Sat, 15 Aug 2026 01:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Aug 2026 01:19 AM IST
विज्ञापन
August 14th is a dark chapter in the history of our country.
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तहत शहर में निकाली गई रैली। श्रोत-आयोजक
भाजपा ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया। जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह के नेतृत्व में शहर के पंडित दीनदयाल चौक से कलेक्ट्रेट होते हुए नेहरू हाल तक मौन जुलूस निकाला गया। इसके बाद नेहरू हाल में गोष्ठी आयोजित हुई।
विज्ञापन

वहीं, हरिऔध कला केंद्र में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी, फिल्म व डॉक्यूमेंट्री का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान और डीएम रविंद्र कुमार ने किया।
विज्ञापन

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की शुरुआत 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। आजादी के समय जब देश का बंटवारा हुआ तब जो ट्रेनें वहां से आ रही थीं, उनमें यात्री कम और लाशें ज्यादा थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिस तरह से धार्मिक उन्माद के आधार पर देश का बंटवारा हुआ और हजारों लोगों की जानें गईं। प्रधानमंत्री का संदेश है कि उसको पूरी तरह से नेस्तनाबूत करके भाईचारे के आधार पर ऐसा समाज बनाना है, जिसमें किसी प्रकार की कोई गैर बराबरी न हो। पूरी तरह से लोग भाईचारगी का जीवन यापन करें।
नेहरू हाल में गोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष त्रयंबक त्रिपाठी ने कहा कि 14 अगस्त 1947 का वह दिन हमारे देश के इतिहास का सबसे दर्दनाक और काला अध्याय है। भारत के बाजू काटकर पाकिस्तान बना दिया गया।
देश का ऐसा बंटवारा हुआ, जिसने हमारी धरती और हमारे दिलों पर गहरे घाव छोड़ दिए। लाखों परिवारों को अचानक अपना घर-बार, जमीन, सपनों, अपनों और रिश्तों को छोड़कर अपने ही देश में बेघर होना पड़ा। पाकिस्तान से हिंदुओं की लाशों से भरी ट्रेनें भारत आने लगीं।

अमानवीय हिंसा और नफरत के दौर में अनगिनत लोगों को अपना घर-बार छोड़कर रातों-रात शरणार्थी बनना पड़ा। न जाने कितने मासूमों ने अपनी जान गंवाई और परिवारों ने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया। इस मौके पर अखिलेश मिश्रा गुड्डू, घनश्याम पटेल, श्रीकृष्ण पाल, प्रेम प्रकाश राय, सत्येंद्र राय, श्याम नारायण सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed