UP: न ड्राइविंग न फेसलेस टेस्ट, 4000 रुपये दो, डीएल लो; दलाल बोले- अंदर देने पड़ते हैं 2000, इसलिए बढ़ा रेट
Azamgarh News: दलालों के ट्रैक पर बिना टेस्ट के 4000 रुपये में डीएल दौड़ रहा है। यहां लाइसेंस बनवाने के लिए 3200 से 4000 रुपये की मांग की जा रही है। दलालों का कहना है कि अंदर भी दो हजार रुपये देने पड़ते हैं, इसलिए रेट ज्यादा है।
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विस्तार
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) के बाहर ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) दलालों के ट्रैक पर दौड़ रहा है। कोई भी डीएल बनवाने जाता है तो कार्यालय के बाहर सक्रिय दलाल उससे स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 3200 से 4000 रुपये तक की मांग करते है। दलालों ने दावा किया कि तय रकम देने पर न ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ेगा और न ही अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। सिर्फ आधार कार्ड देना होगा और फोटो खिंचवाने आना होगा। बातचीत के दौरान कई दलालों ने यह भी कहा कि प्रति फाइल अंदर 2000 रुपये देना पड़ता हैं इसलिए अब रकम बढ़ गई है।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने गंभीरवन स्थित नवनिर्मित एआरटीओ कार्यालय के बाहर पड़ताल की। कार्यालय के आसपास कई दलाल सक्रिय मिले। टीम ने अलग-अलग लोगों से सामान्य आवेदक बनकर बातचीत की। अधिकांश ने कहा कि यदि आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर स्वयं टेस्ट देना चाहता है तो उन्हें 1500 रुपये देने होंगे। वहीं, यदि टेस्ट और अन्य प्रक्रिया से बचना है तो 4000 रुपये खर्च करने होंगे।
जब टीम के सदस्यों ने अधिक रकम लेने का कारण पूछा तो एक दलाल ने कहा, अंदर अधिकारी को प्रति फाइल 2000 रुपये देना होता है। हम अपनी जेब से तो देंगे नहीं। एक अन्य ने दावा किया कि पहले प्रति फाइल 500 रुपये, फिर 1000 रुपये लिए जाते थे, जबकि अब नए आरआई के आने के बाद यह रकम 2000 रुपये हो गई है। करीब पांच दलालों से हुई बातचीत में अधिकांश ने 3200 से 4000 रुपये तक की मांग की।
सीन-1
सिर्फ फोटो खिंचवाने आइए, बाकी काम हमारा
एक दलाल ने परमानेंट डीएल बनवाने के लिए कहा कि आवेदक को केवल आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज देने होंगे। फोटो और बायोमेट्रिक के लिए एक बार कार्यालय आना पड़ेगा। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया वह स्वयं पूरी करा देगा और बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सीन-2
जब पैसा देंगे तो टेस्ट किस बात का देंगे
टीम से बातचीत के दौरान एक दलाल ने कहा, जब पैसा देंगे तो टेस्ट किस बात का देंगे। आपको सिर्फ पैसा देना है, बाकी काम हमारा है। लर्निंग लाइसेंस भी बिना परेशानी के बन जाएगा। अगर टेस्ट ही देना है तो फिर पैसे क्यों लगेंगे?
सीन-3
प्रति फाइल तय है रेट, इसलिए बाहर बढ़ी वसूली
एक अन्य दलाल ने दावा किया कि कार्यालय के भीतर प्रति फाइल तय रकम ली जाती है। उसने कहा, अंदर 2000 रुपये लग रहे हैं। पहले 1000 रुपये लगते थे। अब नए साहब के आने के बाद रेट बढ़ गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
आवेदक का दावा: मुझसे डीएल बनवाने के लिए 4000 रुपये मांगे गए
डीएल बनवाने आए एक आवेदक ने बताया कि उसने पहले विभागीय प्रक्रिया से लाइसेंस बनवाने की कोशिश की, लेकिन कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी काम नहीं हुआ। इसके बाद एक दलाल ने उससे 4000 रुपये की मांग करते हुए कहा कि तय रकम देने पर न ड्राइविंग टेस्ट देना होगा और न ही फेसलेस टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
फेसलेस व्यवस्था पर भी सवाल
परिवहन विभाग ने लर्निंग लाइसेंस के लिए फेसलेस व्यवस्था लागू की है, जिसमें आधार आधारित ओटीपी और ऑनलाइन परीक्षा के जरिये लाइसेंस जारी होता है। हालांकि, पड़ताल के दौरान कुछ दलालों ने दावा किया कि वे इस व्यवस्था में भी हस्तक्षेप कर ऑनलाइन परीक्षा की प्रक्रिया पूरी करा देते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
दलाल ऐसे पकड़ते हैं ग्राहक
संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में एआरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों का कथित नेटवर्क कई चरणों में काम करता दिखा। कार्यालय के आसपास मौजूद एजेंट सबसे पहले डीएल बनवाने आए लोगों की पहचान करते हैं। जो आवेदक डीएल की प्रक्रिया से अनजान या बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने से परेशान दिखते हैं, वे उन्हें अपने झांसे लेते हैं। दलाल पहले आवेदक को बताते हैं कि यदि वह निर्धारित प्रक्रिया से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएगा तो कई बार टेस्ट देना पड़ सकता है और फेल होने पर दोबारा स्लॉट बुक कराना होगा। इसके बाद वे खुद को समस्या का समाधान बताकर 3200 से 4000 रुपये तक की मांग करते हैं।
दलाल खुद फाइल लेकर अंदर-बाहर होते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल के दौरान एआरटीओ कार्यालय परिसर में दलालों की सक्रियता साफ दिखाई दी। टीम ने देखा कि कई कथित एजेंट आवेदकों से दस्तावेज लेकर कार्यालय के भीतर जाते और कुछ देर बाद फाइलें लेकर बाहर आते रहे। इसके बाद वे दोबारा अन्य लोगों से बातचीत करते नजर आए।
डीएल बनवाने का सरकारी और दलालों का रेट
- काम का प्रकार - निर्धारित सरकारी फीस - दलालों द्वारा वसूली रेट
- लर्निंग लाइसेंस - 350 फीस - 1500 से 2000 तक
- परमानेंट लाइसेंस - 1000 फीस - 1800 से 2000 तक
- डीएल नवीनीकरण - 400 फीस - 1000 से 1200 तक
शिकायत के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं
एआरटीओ कार्यालय में यदि किसी आवेदक से अवैध वसूली होती है या कोई दलाल पैसे की मांग करता है, तो मौके पर शिकायत दर्ज कराने के लिए कोई स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था नहीं है। कार्यालय परिसर में शिकायत पेटिका, हेल्प डेस्क या शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर नहीं लिखा गया है। एआरटीओ प्रशासन विष्णुदत्त मिश्रा ने बताया कि कार्यालय अभी यहां नया शिफ्ट हुआ है। इसलिए यहां पर शिकायत पेटिका नहीं लगी है। यदि किसी को किसी प्रकार की समस्या होती है तो मुझसे आकर शिकायत करे समाधान किया जाएगा। यदि बाहर कोई दलाल अवैध वसूली कर रहा तो इसकी शिकायत आवेदक स्वयं थाने पर कर सकता है।
कमिश्नर के निर्देश पर दर्ज हुर्द थी दो दलालों पर प्राथमिकी
18 जुलाई 2024 को आजमगढ़ के तत्कालीन कमिश्नर मनीष चौहान ने लगातार मिल नहीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए आरटीओ कार्यालय में छापेमारी की थी। कमिश्नर मनीष चौहान ने निरीक्षण के दौरान दलाल शिवमंगल और रामबदन यादव से पूछताछ की लेकिन वे सही उत्तर नहीं दे सके। कमिश्नर के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन ने सिधारी थाने में दोनों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
एआरटीओ के चालक की पिटाई पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
एआरटीओ विष्णुदत्त मिश्रा के ड्राइवर अनिल शुक्ला को वर्ष 2024 में ही सरफुद्दीनपुर के रहने वाले दलालों ने बहाने से ऑफिस के बाहर बुलाया। ऑफिस के बाहर आते ही दलालों ने अनिल शुक्ला की पिटाई कर दी। दलालों के इस हमले से ड्राइवर अनिल शुक्ला की आंख और कंधे पर गंभीर चोटें आई थीं। मामले की जानकारी मिलने पर कार्यालय के कर्मियों ने मामले की सूचना सिधारी थाने को दी थी। घायल अनिल शुक्ला को लेकर परिवहन विभाग के अधिकारी सिधारी थाने पहुंचे, जहां पर आरोपियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
यह है प्रक्रिया
एआरटीओ प्रशासन विष्णुदत्त मिश्रा ने बताया कि सबसे पहले अभ्यर्थी को लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसकी परीक्षा ऑनलाइन होती है और इसे घर से भी दिया जा सकता है। इसकी निर्धारित फीस 350 रुपये है और लर्निंग लाइसेंस छह माह तक वैध रहता है। उन्होंने बताया कि लर्निंग लाइसेंस मिलने के एक माह बाद अभ्यर्थी स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इसकी फीस 1000 रुपये है। आवेदन के समय स्लॉट बुक होता है और उसी तिथि पर ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य है। यदि अभ्यर्थी परीक्षा में असफल होता है तो उसे दोबारा आवेदन कर नया स्लॉट लेना पड़ता है।
अधिकारी बोले
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए किसी से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जाता। सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत टेस्ट पास करना होता है। यदि कोई ऐसे आरोप लगा रहा है तो वह सही नहीं है। मुझे इस तरह के किसी आरोप की जानकारी नहीं है। -आरआई प्रमोद कुमार गौतम
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है। यदि कोई व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर अवैध धनराशि की मांग करता है या खुद को विभाग से जुड़ा बताकर वसूली करता है, तो उसकी लिखित शिकायत साक्ष्य के साथ दे। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय हाल ही में नए भवन में स्थानांतरित हुआ है, इसलिए अभी शिकायत पेटिका और हेल्प डेस्क स्थापित नहीं हो सके हैं। फिलहाल किसी भी प्रकार की शिकायत सीधे एआरटीओ प्रशासन से की जा सकती है। यदि कार्यालय के बाहर कोई व्यक्ति अवैध वसूली करता है तो उसकी शिकायत संबंधित थाने में भी दर्ज कराई जा सकती है। -विष्णुदत्त मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन आजमगढ़