आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़: शादी समारोह में युवक की हत्या का मुख्य आरोपी घायल, 24 घंटे के अंदर की गई कार्रवाई
Azamgarh Police Encounter: शादी समारोह में युवक की हत्या की घटना में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आजमगढ़ जनपद के मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान भोजन करने को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
आरोपी पर दर्ज हैं कई मामले
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना मेहनाजपुर पुलिस को यह सफलता मिली। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजीत यादव उर्फ भन्टा (29 वर्ष) निवासी ग्राम डंडवल, थाना मेहनाजपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, मारपीट, बलवा सहित विभिन्न धाराओं में कुल सात मुकदमे दर्ज हैं।
खाना खाने के दौरान हुआ था विवाद
सीओ भूपेश पांडेय ने बताया कि 7 जुलाई की रात ग्राम डंडवल में आयोजित एक शादी समारोह में भोजन करने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान प्रीतोष राजभर और ओटू राजभर पर हमला किया गया। हमले में प्रीतोष राजभर के सिर में गंभीर चोट लगी। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक की मां चन्द्रकला निवासी सराय खुरसू, थाना देवगांव ने थाना मेहनाजपुर में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान अजीत यादव उर्फ भन्टा का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया।
पुलिस को ऐसे मिली सफलता
बुधवार की रात करीब 1:40 बजे थाना मेहनाजपुर पुलिस करसड़ा नहर पुलिया के पास संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भागने लगा। पीछा करने पर उसकी मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। घिर जाने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म
सीओ भूपेश पांडेय ने बताया कि पूछताछ में अजीत यादव उर्फ भन्टा ने स्वीकार किया कि वह अपने भाई आशीष यादव और अन्य साथियों के साथ शादी समारोह में गया था। भोजन करने को लेकर प्रीतोष राजभर और ओटू राजभर से विवाद हुआ, जिसके बाद सभी ने मिलकर दोनों पर लाठी-डंडों से हमला किया। हमले में प्रीतोष राजभर के सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पुलिस टीम पर फायरिंग करने की बात भी स्वीकार की।