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Azamgarh News: 729 रुपये दैनिक मजदूरी और 200 यूनिट मुफ्त बिजली की मांग
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अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के प्रदेशव्यापी आह्वान पर बृहस्पतिवार को ब्लॉक मुख्यालय पर मजदूरों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। डॉ. सुदर्शन राम के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन के बाद खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र सौंपा गया।
डॉ. सुदर्शन राम ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने मजदूरों और गरीब तबके की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। वर्तमान में मिलने वाली 252 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर की व्यवस्था से गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।
उन्होंने मांग की कि प्रदेश में मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सभी जॉब कार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी मजदूरों के जॉब कार्ड बनाए जाएं। इसके अलावा न्यूनतम दैनिक मजदूरी 729 रुपये निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई। मजदूर सभा ने दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक और तमिलनाडु की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने, बढ़ी हुई बिजली दरें वापस लेने तथा स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और निजी साहूकारों से लिए गए दो लाख रुपये तक के कर्ज को माफ करने तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई। धरने में वक्ताओं ने कहा कि सीलिंग, बंजर, परती और आबादी की जमीन पर वर्षों से रह रहे लोगों को उजाड़ने के बजाय उन्हें पट्टा देकर भूमि का नियमितीकरण किया जाए। धरना-प्रदर्शन में रामकृष्ण यादव, मैनू राम, राममूरत चौहान, गुड्डू, रामकिशुन, रामदरश, कल्पनाथ, मालती देवी, रामचरण सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे।
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डॉ. सुदर्शन राम ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने मजदूरों और गरीब तबके की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। वर्तमान में मिलने वाली 252 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर की व्यवस्था से गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।
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उन्होंने मांग की कि प्रदेश में मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सभी जॉब कार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी मजदूरों के जॉब कार्ड बनाए जाएं। इसके अलावा न्यूनतम दैनिक मजदूरी 729 रुपये निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई। मजदूर सभा ने दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक और तमिलनाडु की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने, बढ़ी हुई बिजली दरें वापस लेने तथा स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और निजी साहूकारों से लिए गए दो लाख रुपये तक के कर्ज को माफ करने तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई। धरने में वक्ताओं ने कहा कि सीलिंग, बंजर, परती और आबादी की जमीन पर वर्षों से रह रहे लोगों को उजाड़ने के बजाय उन्हें पट्टा देकर भूमि का नियमितीकरण किया जाए। धरना-प्रदर्शन में रामकृष्ण यादव, मैनू राम, राममूरत चौहान, गुड्डू, रामकिशुन, रामदरश, कल्पनाथ, मालती देवी, रामचरण सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे।
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