पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Electricity consumption increased by 62 megawatts in 24 hours, emergency rostering happening at night

Azamgarh News: 24 घंटे में 62 मेगावाट बढ़ी बिजली की खपत, रात में हो रही इमरजेंसी रोस्टिंग

Mon, 29 Jun 2026 12:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
Electricity consumption increased by 62 megawatts in 24 hours, emergency rostering happening at night
वर्कशॉप में बनने के लिए रखे गए ट्रांसफार्मर। संवाद
आजमगढ़। उमस भरी गर्मी में रात की इमरजेंसी रोस्टिंग ने सभी की नींद उड़ा दी है। बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफॉर्मर हांफ रहे हैं। ओवरलोड से 27 दिनों में 547 ट्रांसफॉर्मर जल गए। वर्कशॉप के एक्सईएन आशीष कुमार ने बताया कि बीते एक सप्ताह से प्रतिदिन 35 से 38 ट्रांसफॉर्मर मरम्मत के लिए वर्कशॉप के लिए आ रहे हैं। मोहब्बतपुर उपकेंद्र में लो वोल्टेज की समस्या है। इस कारण घरेलू उपकरण भी नहीं चल रहे हैं। उमस भरी गर्मी में बिजली की मांग 400 मेगावाट से ऊपर बनी है। उपकेंद्र मोहब्बतपुर से जुड़े फीडर शाम सात से रात 11 बजे के बीच 20 बार ट्रिप किए। दिवाकर यादव, घनश्याम सिंह, रमेश राजभर ने बताया कि रात में लो वोल्टेज के कारण कूलर, पंखा नहीं चल रहा है। बीते तीन दिनों से यही हाल है। रात में दो से तीन बार इमरजेंसी रोस्टिंग हो रही है। कुछ ऐसा ही हाल अहरौला, रानीपुर, फरिहा, सिकहुला उपकेंद्रों का है।
विज्ञापन

आठ से 12 बजे तक गायब रहती है बिजली
बरदह। ठेकमा, मार्टीनगंज और बरदह उपकेंद्र से जुड़े 100 से अधिक गांवों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस समय बिजली आपूर्ति खराब हो गई है। शिवशंकर यादव, आदित्य तिवारी, अलकाब अंसारी ने बताया कि बरदह उपकेंद्र की बिजली रात आठ बजे गुल हो जा रही है। 12 बजे रात में आ रही। इसके बाद भी हर आधे-एक घंटे में थोड़ी देर के लिए कट जा रही है। मार्टीनगंज और ठेकमा क्षेत्र में लो वोल्टेेज की समस्या बनी हुई है।
विज्ञापन

तीन बार की गई इमरजेंसी रोस्टिंग
अंबारी।
बिजली उपकेंद्र फूलपुर से इस्ट, वेस्ट, नार्थ, साउथ, लोनियाडीह और अंबारी फीडर जुड़े हैं। अधीक्षण अभियंता गौरव तिवारी ने बताया कि शनिवार की रात में 132 केवी उपकेंद्र से दो घंटे के लिए दो बार और एक घंटे के लिए एक बार इमरजेंसी रोस्टिंग की गई। रात में पांच घंटे तक नहीं आई। इसके बाद जब मेन लाइन ठीक हुई तो 33/11 उपकेंद्र फूूलपुर से एक-एक घंटे के लिए एक-एक फीडर पर आपूर्ति दी गई। रविवार की सुबह आठ बजे फिर कटी तो दोपहर करीब 12 बजे आई। पूरी रात बिजली के आने-जाने का क्रम चलता रहा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

बिजली की डिमांड
24 जून 436 मेगावाट
25 जून 417 मेगावाट
26 जून 410 मेगावाट
27 जून 472 मेगावाट
जहां पर बिजली सुधार के कार्य कराए हो रहे या फिर लोकल फाल्ट हो रहा तो उसको बनाने के लिए लाइनमैन शटडाउन ले रहे हैं। 33/11 उपकेंद्रों से कोई कटौती नहीं हो रही है। जो बिजली कट रही है वह ट्रांसमिशन से ही इंमरजेंसी कटौती की जा रही है। - गौरव तिवारी, अधीक्षण अभियंता।

ओवरलोड के कारण बीते एक सप्ताह से ट्रांसफॉर्मरों के जलने की शिकायत आ रही हैं। रोजाना 35 से 38 ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। वहीं, वर्कशॉप में दो शिफ्टों में 45 से 50 ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 600 ट्रांसफॉर्मर अलग से तैयार रखे गए हैं। तैयार ट्रांसफॉर्मरों कमी नहीं हैं। हां, जहां पर ट्रांसफॉर्मर जल रहे वहां के लोग 1912 पर शिकायत करें। ताकि उसे समय से बदला जा सके। - आशीष कुमार, एक्सईएन वर्कशॉप।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article