आजमगढ़। जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न विभागों की शिकायतों के निस्तारण के लिए बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने पोर्टल पर शिकायतों के डिफाल्टर होने और स्पेशल क्लोजर की बढ़ती संख्या पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायत का स्पेशल क्लोजर करते पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अधिशासी अभियंता बिजली पंचम के बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, लालगंज पूर्ति निरीक्षक, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, बीएसए तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी/जिला समाज कल्याण अधिकारी को आईजीआरएस शिकायतों के डिफाल्टर होने पर फटकार लगाई। लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। धारा-34 के मामलों में लापरवाही बरतने पर तीन नायब तहसीलदारों को नोटिस जारी किया। डीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि मई एवं जून की सभी लंबित राजस्व संबंधी आईजीआरएस शिकायतों का विशेष अभियान चलाकर दो दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लेखपालों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का नायब तहसीलदार स्वयं स्थलीय सत्यापन करें तथा गलत रिपोर्ट मिलने पर संबंधित लेखपाल के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की गलत आख्या न लगाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में कोई भी प्रकरण आईजीआरएस पोर्टल पर डिफाल्टर की श्रेणी में नहीं जाना चाहिए। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) गंभीर सिंह, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, डीसी मनरेगा राम उदरेज यादव, एसीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय आदि अधिकारी उपस्थित रहे।