आजमगढ़। बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र से हर शनिवार ‘मस्ती की पाठशाला’ सजेगी। विभाग की ओर से जारी वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर में बच्चों की पढ़ाई को रोचक, आनंददायक और तनावमुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। जिले के 2606 परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत करीब ढाई लाख छात्र-छात्राओं को अब खेल, कहानी, चित्रकला, संगीत, समूह चर्चा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। नए कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक शनिवार को विद्यालयों में मनोरंजक एवं शैक्षिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जबकि हर महीने के अंतिम शनिवार को बाल मनोविज्ञान आधारित विशेष कार्यक्रम संचालित होंगे। विभाग ने 50 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष अतिरिक्त कक्षाओं की भी व्यवस्था की है। इन कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी शैक्षिक अवधारणाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे अन्य विद्यार्थियों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकें। इसके अलावा विद्यालयों में प्रत्येक सप्ताह ‘रीडिंग डे’ मनाया जाएगा। इस दौरान बच्चों को पुस्तकालय में समय देकर विभिन्न प्रकार की पुस्तकों के अध्ययन के लिए प्रेरित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों की भाषा दक्षता, कल्पनाशक्ति और मानसिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। बीएसए राजीव कुमार पाठक ने बताया कि नए शैक्षिक कैलेंडर का उद्देश्य बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करना और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारना है। सभी विद्यालयों को नए सत्र से इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।