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Azamgarh News: पटल सहायक और समाज कल्याण अधिकारी पर प्राथमिकी दर्ज
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आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग ने 10 शिक्षकों के वेतन पर रोक के बाद भी भुगतान के मामले में पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह और समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी के खिलाफ शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।
बता दें कि शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने 20 फरवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी और उनके पटल सहायक द्वारा शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया तथा सहायक अध्यापकों की जो नियुक्तियां शासनादेश के विपरीत की गईं थीं, उन्हें शासन से रोक लगने के बाद भी भुगतान कर दिया। मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति से पूरे मामले की जांच कराई। जांच में सामने आया कि कुछ सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां अवैध है, जिस पर शासन ने उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया था। इसके बावजूद उन्हें वेतन का भुगतान किया गया। इस प्रकार कुल 10 अध्यापकों को लगभग 51.46 लाख रुपये का भुगतान अनियमित रूप से किए जाने की पुष्टि हुई है।
डीडी समाज कल्याण आरके चौरसिया ने शुक्रवार को ही नगर कोतवाली में तहरीर दी थी लेकिन, पुलिस ने इसे प्राॅपर तरीके से न देने का आरोप लगाते हुए तहरीर वापस कर दी थी। इसके बाद शनिवार को डीडी समाज कल्याण आरके चौरसिया स्वयं कोतवाली पहुंचे और नगर कोतवाली प्रभारी को तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इस पर नगर कोतवाली पुलिस ने समाज कल्याण विभाग के पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह और जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पहले एक कर्मचारी आया था और होमगार्ड को तहरीर देकर चला गया था। आज डीडी समाज कल्याण खुद आए और उनकी तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। शुभम ताेदी, सीओ सिटी।
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बता दें कि शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने 20 फरवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी और उनके पटल सहायक द्वारा शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया तथा सहायक अध्यापकों की जो नियुक्तियां शासनादेश के विपरीत की गईं थीं, उन्हें शासन से रोक लगने के बाद भी भुगतान कर दिया। मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति से पूरे मामले की जांच कराई। जांच में सामने आया कि कुछ सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां अवैध है, जिस पर शासन ने उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया था। इसके बावजूद उन्हें वेतन का भुगतान किया गया। इस प्रकार कुल 10 अध्यापकों को लगभग 51.46 लाख रुपये का भुगतान अनियमित रूप से किए जाने की पुष्टि हुई है।
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डीडी समाज कल्याण आरके चौरसिया ने शुक्रवार को ही नगर कोतवाली में तहरीर दी थी लेकिन, पुलिस ने इसे प्राॅपर तरीके से न देने का आरोप लगाते हुए तहरीर वापस कर दी थी। इसके बाद शनिवार को डीडी समाज कल्याण आरके चौरसिया स्वयं कोतवाली पहुंचे और नगर कोतवाली प्रभारी को तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इस पर नगर कोतवाली पुलिस ने समाज कल्याण विभाग के पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह और जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पहले एक कर्मचारी आया था और होमगार्ड को तहरीर देकर चला गया था। आज डीडी समाज कल्याण खुद आए और उनकी तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। शुभम ताेदी, सीओ सिटी।