सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Five new cases surfaced, where people were duped of Rs 50 lakh in the name of providing jobs in the paramilitary forces.

Azamgarh News: पांच नए मामले आए सामने, अर्द्ध सैनिक बल में नौकरी दिलाने के नाम पर इनसे भी हुई 50 लाख की ठगी

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2026 02:00 AM IST
विज्ञापन
Five new cases surfaced, where people were duped of Rs 50 lakh in the name of providing jobs in the paramilitary forces.
विज्ञापन
आजमगढ़। फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे अर्द्धसैनिक बल में नौकरी दिलाने का मामले में पांच नए केस सामने आ गए हैं। इन पांच युवाओं से भी करीब 50 लाख रुपये वसूले गए हैं। ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी विद्यासागर के खिलाफ 14 अगस्त वर्ष 2019 में अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिला के आलो थाने में ठगी की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वर्ष 2020 में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। उस समय भी 11 युवाओं को फर्जी निवासी प्रमाणपत्र देकर नौकरी दिलाने का काम किया था। इसमें भी आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर व अतरौलिया समेत अन्य थाना क्षेत्र के युवा शामिल थे।

ठगी के शिकार हुए रानी की सराय थाना क्षेत्र के अंधौरी गांव निवासी पंकज यादव ने क्षेत्र के कोईलारी खुर्द गांव निवासी विद्यासागर, प्रदीप यादव, राहुल कुमार, वीरेंद्र यादव, गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा मुहिउद्दीनपुर निवासी राकेश यादव और बलिया जनपद के मुन्ना शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि असम, अरुणांचल, कर्नाटक, त्रिपुरा में होने वाली एसएससी (जीडी) भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर हजारों युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगी की। गिरोह अब तक 10 हजार लोगों के साथ की ठगी कर चुका है। प्रत्येक व्यक्ति से 10-10 लाख रुपये वसूले जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामले में तीन लोगों राहुल कुमार, राकेश यादव और प्रदीप यादव की गिरफ्तारी के बाद जैसे ही मामला सुर्खियों में आया वैसे ही इससे जुड़े अन्य मामले सामने आए। पांच युवक एसपी कार्यालय पहुंचे और अपने साथ हुई लाखों रुपये ठगी की घटना की जानकारी दी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन

आरोपियों को थानों से संरक्षण मिलने की चर्चा
मामले के खुलासे के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आरोपियों को लंबे समय तक स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिलता रहा। पीड़ितों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे जालसाजों के हौसले बढ़ते गए। पीड़ितों ने बताया कि जब वह अपनी शिकायत लेकर थाने गए तो उन्हें ही उल्टा बोला गया कि भाग जाओ नहीं तो तुम्हारे खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा लिखा जाएगा। मामला उजागर होने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मास्टरमाइंड विद्यासागर करोड़ों की संपत्ति का मालिक
अर्द्ध सैनिक बल में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी विद्यासागर अब पुलिस के निशाने पर है। पुलिस जांच में सामने आया है कि लंबे समय से भर्ती के नाम पर ठगी करने वाला विद्यासागर करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक बन चुका है। अब तक की हुई जांच में सामने आया कि अवैध कमाई से उसने छह ट्रक अपने नाम लिए हैं। अपने और अपने परिवार के अन्य सदस्यों के खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर किए हैं। आसपास के क्षेत्रों में अपने व परिवार के सदस्यों नाम से जमीन लेने की भी बात सामने आ रही है। पुलिस आरोपी विद्यासागर की चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है। बैंक खातों, जमीनों और अन्य निवेशों की जांच कराई जा रही है।

एक ही परिवार के दो भाइयों को सशस्त्र सीमा बल दिलाई थी नौकरी
जहानागंज थाना क्षेत्र के डीहां गांव निवासी एक युवक भी एसपी कार्यालय पहुंचा था। उसने बताया कि उसने और उसके भाई ने नौकरी के लिए विद्यासागर को कुल करीब 25 लाख रुपये दिए थे। दो साल नौकरी भी की वेतन भी मिला लेकिन सत्यापन होने के बाद निवास प्रमाण पत्र फर्जी मिलने पर उन्हें बर्खास्त कर घर भेज दिया गया। इससे उसकी शादी भी टूट गई। परिवार के सदस्य भी मानसिक रूप से परेशान हैं। युवक ने बताया कि दूर की एक रिश्तेदार का भी एक लड़का है जो अर्द्धसैनिक बल में नौकरी के नाम पर 10 लाख रुपये दिए थे। उसके साथ ही यही कहानी हुई। उसका भी अभिलेख फर्जी मिलने पर बर्खास्त कर दिया गया।


शिकायत करने पर मिली जान से मारने की धमकी
कंधरापुर थाना क्षेत्र के अजमतपुर कोडर के रहने वाले एक युवक ने भी शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि उसने भी छह लाख रुपये नौकरी देने के नाम पर विद्यासागर को दिए थे। दो साल नौकरी करने के बाद जब उसे अभिलेख सत्यापन होने के बाद बर्खास्त कर दिया गया तो वह घर चला आया। इसके बाद वह विद्यासागर से अपने दिए हुए रुपये की मां की लेकिन उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं जब इसकी शिकायत लेकर थाने पर गए तो उन्हें पुलिस ने थाने से ये कह कर भाग दिया कि भाग जाओं नही तो तुम्हारे ऊपर ही प्राथमिकी दर्ज कर दी जाएगी।

अब तो आत्महत्या करने का मन कर रहा
रानी की सराय थाना क्षेत्र के ताजूद्दीनपुर निवासी एक युवक ने बताया कि उसने भी अर्द्ध सैनिक बल में नौकरी पाने के लिए आठ लाख रुपये दिए थे। दो वर्ष छह माह तक नौकरी की पूरी कमाई विद्यासागर और उनके साथियों को दी। अभिलेख सत्यापन के बाद बर्खास्त कर दिया गया। फर्जीवाड़े की जानकारी होने मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। पीड़ित ने कहा कि अब तो जीने का भी मन नहीं कर रहा बस परिवार के कारण जी रहा हूं। घर का एकलौता बेटा हूं। मेरे ऊपर परिवार की जिम्मेदारी है।
मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों का विवरण जुटाया जा रहा है। जांच में यह प्रमाणित होता है कि संपत्तियां ठगी से अर्जित धन से बनाई गई हैं, तो आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।- डाॅ. अनिल कुमार, एसपी आजमगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed