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Azamgarh News: महाराजा सुहेलदेव विवि में विद्यार्थियों ने स्टार्टअप्स से जीरो क्यू के महत्व को बताया

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 12:38 AM IST
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Students at Maharaja Suheldev University explained the importance of Zero Q from startups
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पल्हनी। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन फाउंडेशन में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न छात्र स्टार्टअप्स ने अपने अभिनव उत्पादों, सेवाओं और व्यावसायिक मॉडलों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने छात्रों के नवाचार और उद्यमिता के प्रयासों की सराहना की। फाउंडेशन के निदेशक डॉ. नरेंद्र सिसोदिया तथा परामर्शदाता संस्था राफ्ट्स एंड रिवर्स के प्रतिनिधि नृपेन भट्ट की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने समाज की विभिन्न समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने छात्रों की तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक समझ और रचनात्मक सोच की प्रशंसा की। प्रस्तुत स्टार्टअप्स में जीरो क्यू विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस स्टार्टअप ने अस्पतालों और चिकित्सकों के लिए विकसित स्मार्ट अपॉइंटमेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन किया, जो मरीजों को समयबद्ध परामर्श उपलब्ध कराने और लंबी कतारों को कम करने में सहायक होगा। आचार्य अतुल स्टार्टअप ने व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श पर आधारित डिजिटल मंच प्रस्तुत किया। आधुनिक तकनीक और डेटा विश्लेषण पर आधारित यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करने का दावा करता है। वी डू स्टार्टअप ने एक ऑनलाइन शैक्षिक मंच का प्रदर्शन किया। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के विद्यार्थी स्कूल स्तर के छात्रों को ट्यूशन सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगे। इसके अतिरिक्त एक छात्र समूह ने देशव्यापी एडवोकेट एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म की परिकल्पना भी प्रस्तुत की, जिसमें तहसील स्तर से लेकर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तक के अधिवक्ताओं की प्रोफाइल उपलब्ध कराने की योजना है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को नवाचार, शोध, कौशल और उद्यमिता से जोड़कर उन्हें रोजगार सृजक बनाना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के स्टार्टअप्स और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक एवं कुलसचिव आनंद कुमार मौर्य, सहायक कुलसचिव डॉ. महेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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