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Azamgarh News: फर्जी दस्तावेज के आधार पर अर्द्धसैनिक बल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करता था ठगी, गिरफ्तार

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 01:10 AM IST
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He used to cheat by promising a job in the paramilitary forces based on fake documents, arrested
मऊ से गिरफ्तार नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोपी। श्रोत-पुलिस - फोटो : Samvad
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आजमगढ़। अर्द्धसैनिक बल में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले बलिया जिले के खजुरी थाना क्षेत्र के पिपराकला गांव निवासी आरोपी मुन्ना शर्मा को रानी की सराय पुलिस ने सोमवार को मऊ जिले के मोहम्मदाबाद रेलवे स्टेशन गुमटी के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को साल 2022 में असम पुलिस इसी तरह के मामले में गिरफ्तार कर चुकी थी। जेल से रिहा होने के बाद वह फिर से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने के धंधे में सक्रिय हो गया था।

सीओ नगर शुभम तोदी ने बताया कि रानी की सराय थाना क्षेत्र के अंधौरी गांव निवासी पंकज यादव ने 20 मई को शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने अर्द्धसैनिक बल में भर्ती कराने का भरोसा देकर उससे और अन्य युवाओं से धनराशि वसूल की है। आरोपियों ने भर्ती प्रक्रिया को वास्तविक दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज और कूटरचित अभिलेख तैयार किए थे। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए। जांच में सामने आया कि आरोपी सरकारी और अर्द्धसैनिक बलों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। भर्ती से संबंधित फर्जी कागजात तैयार करके उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
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शुभम तोदी ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुन्ना शर्मा के खिलाफ साल 2022 में असम के कामरूप (मेट्रो) जिले के पलटन बाजार थाने में भी जालसाजी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल करने की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोपी ने उस मामले में सात युवाओं को निशाना बनाया था।
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असम के निवास प्रमाण पत्र की नकल करके तैयार करता था फर्जी दस्तावेज
अर्द्धसैनिक बल में भर्ती दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य मुन्ना शर्मा ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मुन्ना शर्मा ने पूछताछ में बताया कि उसकी मुलाकात बलिया के कुछ ऐसे युवकों से हुई थी, जिनकी भर्ती असम में हुई थी। उन युवकों ने बताया कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में एसएससी (जीडी) भर्ती की मेरिट अधिक रहती है, जबकि असम, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक और त्रिपुरा जैसे राज्यों में अपेक्षाकृत कम अंक पर भी चयन हो जाता है। इसी जानकारी के आधार पर उसने योजना बनाई और ऐसे अभ्यर्थियों को निशाना बनाना शुरू किया, जो एसएससी (जीडी) भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शुरुआत में वह असम जाकर वहां के निवास प्रमाण पत्रों का प्रारूप और स्वरूप देखता था। इसके बाद उन्हीं की तर्ज पर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करके उन पर नकली मोहर और हस्ताक्षर लगाकर अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराता था। कुछ समय बाद आरोपी ने पूरी प्रक्रिया स्वयं संभालनी शुरू कर दी। वह फर्जी दस्तावेज तैयार करने के साथ-साथ अधिकारियों की मुहर और हस्ताक्षर की भी नकल करने लगा।
विधानसभा में मामला गूंजने के बाद खुला था फर्जी प्रमाण पत्रों का खेल
अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए फर्जी निवास प्रमाण पत्र तैयार करने का मामला साल 2022 में विधानसभा तक पहुंच गया था। भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में संदिग्ध प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल की शिकायतों के बाद यह मुद्दा सदन में उठा, जिसके बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं और पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू हुई। विधानसभा में सवाल उठने के बाद असम सरकार और पुलिस ने भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई। जांच के दौरान कई ऐसे प्रमाण पत्र सामने आए, जिनकी सत्यता संदिग्ध पाई गई। इसके बाद विभिन्न जिलों में मुकदमे दर्ज कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने और उनका इस्तेमाल कराने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ लोग बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को असम का फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र उपलब्ध कराकर भर्ती में लाभ दिलाने का दावा कर रहे थे।
तहसील और थानों में करता था सेटिंग, ताकि सत्यापन में न पकड़ में आए फर्जीवाड़ा
पूछताछ में सामने आया कि अर्द्धसैनिक बल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य मुन्ना शर्मा युवाओं का भरोसा जीतने के लिए तहसील और थानों में अपनी पहुंच होने का दावा करता था। इतना ही नही वहां के तहसील और थानों पर भी सेटिंग करने का काम करता था। ताकि दस्तावेज सत्यापन के दौरान उसका फर्जीवाड़ा पकड़ा न जाए। सेटिंग होने के कारण निवास प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान कोई आपत्ति नहीं आती थी।

फर्जी दस्तावेज तैयार करके अर्द्धसैनिक बल में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक सदस्य मुन्ना शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में अभियुक्त द्वारा कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं। उसने स्वीकार किया है कि वह विभिन्न राज्यों की भर्ती प्रक्रियाओं का अध्ययन कर अभ्यर्थियों को गुमराह करता था और फर्जी निवास प्रमाण पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भर्ती कराने का काम करता था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। - शुभम तोदी, सीओ सिटी आजमगढ़।
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