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Azamgarh News: गवाही रुकवाने के लिए भानु से कराई गई थी दूध व्यवसायी की हत्या
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मृतक भानू प्रताप सिंह की फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : मनीष शर्मा
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आजमगढ़। मुबारकपुर के चर्चित दूधिया हत्याकांड में वांछित इनामी अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बब्लू सिंह आखिरकार अयोध्या में एसटीएफ प्रयागराज और पुलिस की कार्रवाई के दौरान मारा गया। आजमगढ़ पुलिस जांच में उसका नाम कथित सुपारी किलर के रूप में सामने आया था। आरोप था कि गवाही रुकवाने की साजिश के तहत उसने सुपारी लेकर दूध व्यवसायी पतिराज यादव उर्फ टिल्लू की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की थी। आजमगढ़ में भानू पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि 27 अक्तूबर 2025 को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मंझरिया गांव के पास दूध बेचने जा रहे पियरोपुर निवासी पतिराज यादव की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतक की पुत्री रिया की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ में गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधानापार गांव निवासी भानु प्रताप सिंह का नाम सामने आया।
आरोप लगा कि उसने अपने एक साथी के साथ वारदात को अंजाम दिया था। भानु प्रताप की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लंबे समय से प्रयास कर रही थी। पहले उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार और फिर एक लाख रुपये कर दिया गया। इसके अलावा अंबेडकरनगर और गोरखपुर पुलिस ने भी उस पर अलग-अलग इनाम घोषित कर रखा था।
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एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि भानु प्रताप के खिलाफ आजमगढ़ समेत कई जनपदों में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में कई प्राथमिकी दर्ज थे। भानु प्रताप की मौत के साथ ही मुबारकपुर के चर्चित दूधिया हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस रिकॉर्ड से बाहर हो गया, हालांकि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
पतिराज के बेटे शुभम ने कहा, अब न्याय मिलने की उम्मीद
आजमगढ़। आरोपी भानू प्रताप सिंह के मारे जाने के बाद पतिराज यादव के बेटे शुभम यादव ने कहा कि परिवार पिछले कई महीने से न्याय की लड़ाई लड़ रहा था। पिता को गोली मारने वाले शूटर के खिलाफ कार्रवाई होने से उम्मीद जगी है कि अब अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। शुभम ने कहा कि पिता की हत्या के बाद परिवार को मानसिक आघात झेलना पड़ा। अब विश्वास है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से परिवार को इंसाफ मिलेगा।
आजमगढ़ के सात थानों में भानु प्रताप पर 11 प्राथमिकी दर्ज थी
आजमगढ़। अपराधी भानू प्रताप सिंह के खिलाफ आजमगढ़ जिले में 11 प्राथमिकी दर्ज थे। जिले के सात अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों में हत्या, लूट, अपहरण, हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी, जालसाजी, अवैध शस्त्र रखने और बिजली चोरी जैसे आरोप शामिल हैं। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भानू प्रताप सिंह के खिलाफ सबसे चर्चित मुकदमा मुबारकपुर थाने में वर्ष 2025 में दूधिया पतिराज यादव हत्याकांड का था। इस मामले में उसके खिलाफ हत्या, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार इसी मामले में वह लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि 27 अक्तूबर 2025 को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मंझरिया गांव के पास दूध बेचने जा रहे पियरोपुर निवासी पतिराज यादव की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतक की पुत्री रिया की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ में गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधानापार गांव निवासी भानु प्रताप सिंह का नाम सामने आया।
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आरोप लगा कि उसने अपने एक साथी के साथ वारदात को अंजाम दिया था। भानु प्रताप की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लंबे समय से प्रयास कर रही थी। पहले उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार और फिर एक लाख रुपये कर दिया गया। इसके अलावा अंबेडकरनगर और गोरखपुर पुलिस ने भी उस पर अलग-अलग इनाम घोषित कर रखा था।
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पतिराज के बेटे शुभम ने कहा, अब न्याय मिलने की उम्मीद
आजमगढ़। आरोपी भानू प्रताप सिंह के मारे जाने के बाद पतिराज यादव के बेटे शुभम यादव ने कहा कि परिवार पिछले कई महीने से न्याय की लड़ाई लड़ रहा था। पिता को गोली मारने वाले शूटर के खिलाफ कार्रवाई होने से उम्मीद जगी है कि अब अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। शुभम ने कहा कि पिता की हत्या के बाद परिवार को मानसिक आघात झेलना पड़ा। अब विश्वास है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से परिवार को इंसाफ मिलेगा।
आजमगढ़ के सात थानों में भानु प्रताप पर 11 प्राथमिकी दर्ज थी
आजमगढ़। अपराधी भानू प्रताप सिंह के खिलाफ आजमगढ़ जिले में 11 प्राथमिकी दर्ज थे। जिले के सात अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों में हत्या, लूट, अपहरण, हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी, जालसाजी, अवैध शस्त्र रखने और बिजली चोरी जैसे आरोप शामिल हैं। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भानू प्रताप सिंह के खिलाफ सबसे चर्चित मुकदमा मुबारकपुर थाने में वर्ष 2025 में दूधिया पतिराज यादव हत्याकांड का था। इस मामले में उसके खिलाफ हत्या, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार इसी मामले में वह लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।