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Azamgarh News: शिवली में निकला जुलूस-ए-अमारी, इमाम हुसैन की शहादत को किया याद
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शिवली गांव में निकाली गई जुलूसे अमारी। संवाद
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निजामाबाद तहसील क्षेत्र के शिवली में शहादते इमाम हुसैन की याद में जुलूस-ए-अमारी निकाला गया। जुलूस से पूर्व सोजखानी हुई और मौलाना ने मजलिस को खिताब किया।
मजलिस के बाद जुलूस कदीमी रास्ते से गांव के विभिन्न अजाखानों से होता हुआ बाग में पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे। यहां इमामे की जियारत कराई गई। मौलाना जीशान हैदर ने इमामे का परिचय कराया।
अमारियों और जुलजुना पर लोगों ने फूल-माला चढ़ाकर खिराज-ए-अकीदत पेश किया। अलम-ए-मुबारक हजरत अब्बास, हजरत अली असगर के कुर्ते और हजरत अली अकबर के सेहरे की शबीह देखकर लोग भावुक हो उठे।
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विभिन्न स्थानों पर बाहर से आई अंजुमनों ने तारीखी नौहे पेश किए। उलेमाओं ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि इमाम हुसैन इंसानियत का नाम हैं और उन्होंने कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया।
जुलूस की निजामत जीशान आजमी और सागर आजमी ने संयुक्त रूप से की। देर शाम जुलूस का समापन इमाम बारगाह यादगारे हुसैनी में हुआ। आयोजक अब्बास ब्रदर्स ने सभी के प्रति आभार जताया।
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मजलिस के बाद जुलूस कदीमी रास्ते से गांव के विभिन्न अजाखानों से होता हुआ बाग में पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे। यहां इमामे की जियारत कराई गई। मौलाना जीशान हैदर ने इमामे का परिचय कराया।
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अमारियों और जुलजुना पर लोगों ने फूल-माला चढ़ाकर खिराज-ए-अकीदत पेश किया। अलम-ए-मुबारक हजरत अब्बास, हजरत अली असगर के कुर्ते और हजरत अली अकबर के सेहरे की शबीह देखकर लोग भावुक हो उठे।
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विभिन्न स्थानों पर बाहर से आई अंजुमनों ने तारीखी नौहे पेश किए। उलेमाओं ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि इमाम हुसैन इंसानियत का नाम हैं और उन्होंने कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया।
जुलूस की निजामत जीशान आजमी और सागर आजमी ने संयुक्त रूप से की। देर शाम जुलूस का समापन इमाम बारगाह यादगारे हुसैनी में हुआ। आयोजक अब्बास ब्रदर्स ने सभी के प्रति आभार जताया।