{"_id":"6a304d3f7f47ace19d0c57ca","slug":"new-stamp-duty-rate-not-applied-revenue-loss-of-4-crore-in-2000-registrations-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-151929-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: स्टांप ड्यूटी की नई दर लागू नहीं, दो हजार रजिस्ट्री में 4 करोड़ के राजस्व का नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: स्टांप ड्यूटी की नई दर लागू नहीं, दो हजार रजिस्ट्री में 4 करोड़ के राजस्व का नुकसान
विज्ञापन
उपनिबंधक कार्यालय आजमगढ़। श्रोत-सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आजमगढ़। आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की सीमा का विस्तार होने के बाद, संपत्ति पंजीकरण पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी में कोई वृद्धि नहीं हुई है। इस फैसले ने संपत्ति के सौदों पर चल रहे लेन-देन को प्रभावित किया है, पिछले 2000 रजिस्ट्री में चार करोड़ रुपये की धनराशि की कमी पाई गई है।
अगस्त 2024 में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण के क्षेत्र का विस्तार किया गया। इस विस्तार में प्राधिकरण सीमा से सटे 483 गांवों को शामिल किया गया। इन गांवों में सदर तहसील के 287 गांव, सगड़ी तहसील के 50, मेंहनगर तहसील का एक गांव और निजामाबाद तहसील के 145 गांव शामिल थे।
इन गांवों के प्राधिकरण में शामिल होने के बाद इनकी स्टांप ड्यूटी में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। लेकिन, तत्कालीन एडीए सचिव ने इस बढ़ोतरी को लागू नहीं किया गया। इस कारण लगभग छह महीने तक पुराने रेट पांच प्रतिशत की दर से स्टांप ड्यूटी लगाकर इन गांवों में जमीन की रजिस्ट्री होती रही।
विज्ञापन
जबकि एडीए के शामिल होने के बाद सात प्रतिशत की दर से स्टांप ड्यूटी लगनी चाहिए थी। तत्कालीन एडीए सचिव ने स्टांप ड्यूटी की नई दर लागू नहीं की, इस कारण हर महीने हो रही राजस्व की क्षति को देखते हुए एआईजी स्टांप ने मार्च 2025 में पत्र जारी करके नई दर पर स्टांप ड्यूटी लेना शुरू कर दिया।
अगस्त 2024 में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण के क्षेत्र का विस्तार किया गया। इस विस्तार में प्राधिकरण सीमा से सटे 483 गांवों को शामिल किया गया। इन गांवों में सदर तहसील के 287 गांव, सगड़ी तहसील के 50, मेंहनगर तहसील का एक गांव और निजामाबाद तहसील के 145 गांव शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन गांवों के प्राधिकरण में शामिल होने के बाद इनकी स्टांप ड्यूटी में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। लेकिन, तत्कालीन एडीए सचिव ने इस बढ़ोतरी को लागू नहीं किया गया। इस कारण लगभग छह महीने तक पुराने रेट पांच प्रतिशत की दर से स्टांप ड्यूटी लगाकर इन गांवों में जमीन की रजिस्ट्री होती रही।
जबकि एडीए के शामिल होने के बाद सात प्रतिशत की दर से स्टांप ड्यूटी लगनी चाहिए थी। तत्कालीन एडीए सचिव ने स्टांप ड्यूटी की नई दर लागू नहीं की, इस कारण हर महीने हो रही राजस्व की क्षति को देखते हुए एआईजी स्टांप ने मार्च 2025 में पत्र जारी करके नई दर पर स्टांप ड्यूटी लेना शुरू कर दिया।