UP: बस को ओवरटेक कर रही थार ने बाइक सवारों को रौंदा, एक की मौत; दूसरे युवक की हालत गंभीर; चालक भागा
Azamgarh News: सड़क हादसे की सूचना पाकर माैके पर निजामाबाद थाने की पुलिस भी पहुंच गई। आसपास के लोगों की सहायता से घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने एक को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल का इलाज शुरू कर दिया गया था।
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Road Accident in Azamgarh: आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा ईदगाह के पास शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार थार की टक्कर से बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर वहां से भागते हुए गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बेलवा मोड के पास थार छोड़कर भाग निकले। वहीं, फरिहा चौकी प्रभारी चित्रांशु मिश्रा ने मामले में सुलह-समझौता करा दिया।
निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा निवासी शमशाद उर्फ गुड्डू (50) व मनीष कुमार (18) से फरिहा चौक से अपने घर जा रहे थे। घायल मनीष ने बताया कि उसी दौरान बिना नंबर प्लेट की तेज रफ्तार थार स्कूली बस को ओवरटेक कर रही थी। ओवरटेक के दौरान थार ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
परिजनों में मचा कोहराम
हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सक ने शमशाद उर्फ गुड्डू की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बताया गया कि मृतक की पत्नी की छह वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। उनके तीन पुत्र हैं, जिनकी देखभाल वह स्वयं कर रहे थे। हादसे के बाद बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया।
घटना के बाद परिवार और गांव में मातम छाया हुआ है। वहीं, ग्राम प्रधान व गांव के अन्य लोगों ने गाड़ी के मालिक के साथ फरिहा चौकी पर थाना प्रभारी चित्रांशु मिश्रा के साथ बैठकर मामले को सुलझा लिया। निजामाबाद थाना प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि घटना हुई है इसकी जानकारी है लेकिन मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि सुलह-समझौता हुआ है तो मुझे पूरी जानकारी नहीं है। शायद गाड़ी मालिक की ओर से बच्चों के नाम से कुछ एफडी हुई है।
वाहन छोड़कर भागा चालक
परिजन की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली और न ही ग्राम प्रधान की ओर से दिया गया। ग्राम प्रधान अबु बकर खान और अन्य प्रबुद्धजन की मौजूदगी में वाहन मालिक को बुलाकर एक बच्चे के नाम से एक लाख की एफडी कराई गई है। दोनों पक्षों में सुलह-समझौता कर दिया गया है। शव का पंचनामा कराकर बच्चों को सुपुर्द कर दिया गया है।- चित्रांशु मिश्रा, चौकी प्रभारी फरिहा।
यदि अज्ञात वाहन से हादसा हुआ होता और मौत होती तो केंद्र सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जाता। इससे परिवार को काफी मदद मिलती। - अतुल कुमार यादव, एआरटीओ प्रवर्तन।
कोई थाने पर तहरीर नहीं देने वाला रहा होगा। इसलिए सुलह-समझौता करा दिया गया होगा। हालाकि ग्राम प्रधान को इसमें तहरीर देना चाहिए ताकि कानूनी कार्रवाई हो सके। फिलहाल पता करते हैं, इस मामले में क्या हुआ है। - मधुबन कुमार सिंह, एसपी सिटी आजमगढ़।
हादसे के बाद उठ रहे बड़े सवाल
- क्या सड़क हादसे में मौत जैसे गंभीर मामले में थाने पर समझौता कराना उचित है?
- बिना नंबर प्लेट की थार आखिर सड़कों पर कैसे दौड़ रही थी?
- क्या पुलिस ने दुर्घटना में शामिल वाहन को सीज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की?
- मौत के मामले में बिना तहरीर के पुलिस की भूमिका सिर्फ समझौते तक सीमित क्यों दिखी?
- क्या आर्थिक समझौता किसी परिवार के मुखिया की मौत की भरपाई कर सकता है?
- तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के बाद जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
- क्या प्रबुद्धजन और ग्राम प्रधान को कानूनी कार्रवाई के बजाय समझौते को बढ़ावा देना चाहिए था?
- क्या ऐसे मामलों में समझौते की प्रवृत्ति अपराध और लापरवाही को बढ़ावा नहीं देती?