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Azamgarh News: होम्योपैथी डिग्री, एलोपैथी से इलाज, महिला की मौत के बाद दो अस्पताल सील, डॉक्टर गिरफ्तार
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मुक्तिपुर स्थित ओम साईं राम हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग ने किया सील। संवाद
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आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के खमौली गांव में एक महिला पूनम (32) की उपचार के दौरान मौत हो गई। पति ने इलाज में लापरवाही और अवैध रूप से चिकित्सा पद्धति बदलने का आरोप लगाया है। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमा शरण पांडेय के निर्देश पर मुक्तिपुर बाजार स्थित दो अस्पतालों को सील कर करते हुए संचालक डॉ. चंद्रसेन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।
सीओ लालगंज भूपेश पांडेय ने बताया कि बरदह थाने में बृहस्पतिवार की रात 9.03 बजे खम्हौली गांव निवासी सुरेंद्र बिंद ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि शाम करीब 6 बजे उनकी पत्नी को तबीयत बिगड़ने पर मुक्तिपुर स्थित ''ओम साईं राम हॉस्पिटल'' में भर्ती कराया था। आरोप है कि संचालक डॉ. चंद्रसेन यादव ने न तो उचित इलाज किया और न ही समय रहते मरीज को रेफर किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नन्हकू राम ने मामले की जांच कराई तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। अस्पताल का संचालक डॉक्टर डिग्री तो होम्योपैथी की रखता था, लेकिन वह नियमों के विरुद्ध मरीजों का इलाज एलोपैथी पद्धति से कर रहा था। मृतका पूनम का उपचार भी इसी गलत तरीके से किया गया। इसे प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लेते हुए डॉ. चंद्रसेन
को दोनों अस्पताल ओम साईं राम हॉस्पिटल और उषा आई केयर सेंटर को सील कर दिया गया। पुलिस ने संबंधित डॉक्टर को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
परिजनों के आरोपों और चिकित्सा पद्धति में अनियमितता पाए जाने पर दोनों अस्पतालों को सील किया गया है। दोषी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।— राजीव कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, बरदह
बिना मानक और पंजीकरण चल रहे अस्पतालों-क्लीनिकों की होगी जांच
आजमगढ़। बरदह क्षेत्र में इलाज के दौरान महिला की मौत के मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नन्हकू राम के निर्देश पर जिले में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष टीम गठित की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों की जांच करेगी। इस दौरान अस्पतालों के पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता, आपातकालीन सुविधाओं और मानकों की पड़ताल की जाएगी। सीएमओ ने कहा कि बिना अनुमति या मानकों के विपरीत संचालित पाए जाने वाले अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ सीलिंग और विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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सीओ लालगंज भूपेश पांडेय ने बताया कि बरदह थाने में बृहस्पतिवार की रात 9.03 बजे खम्हौली गांव निवासी सुरेंद्र बिंद ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि शाम करीब 6 बजे उनकी पत्नी को तबीयत बिगड़ने पर मुक्तिपुर स्थित ''ओम साईं राम हॉस्पिटल'' में भर्ती कराया था। आरोप है कि संचालक डॉ. चंद्रसेन यादव ने न तो उचित इलाज किया और न ही समय रहते मरीज को रेफर किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नन्हकू राम ने मामले की जांच कराई तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। अस्पताल का संचालक डॉक्टर डिग्री तो होम्योपैथी की रखता था, लेकिन वह नियमों के विरुद्ध मरीजों का इलाज एलोपैथी पद्धति से कर रहा था। मृतका पूनम का उपचार भी इसी गलत तरीके से किया गया। इसे प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लेते हुए डॉ. चंद्रसेन
को दोनों अस्पताल ओम साईं राम हॉस्पिटल और उषा आई केयर सेंटर को सील कर दिया गया। पुलिस ने संबंधित डॉक्टर को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
परिजनों के आरोपों और चिकित्सा पद्धति में अनियमितता पाए जाने पर दोनों अस्पतालों को सील किया गया है। दोषी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।— राजीव कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, बरदह
बिना मानक और पंजीकरण चल रहे अस्पतालों-क्लीनिकों की होगी जांच
आजमगढ़। बरदह क्षेत्र में इलाज के दौरान महिला की मौत के मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नन्हकू राम के निर्देश पर जिले में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष टीम गठित की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों की जांच करेगी। इस दौरान अस्पतालों के पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता, आपातकालीन सुविधाओं और मानकों की पड़ताल की जाएगी। सीएमओ ने कहा कि बिना अनुमति या मानकों के विपरीत संचालित पाए जाने वाले अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ सीलिंग और विधिक कार्रवाई की जाएगी।