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Baghpat News: दलालों के झांसे में आकर 22 महीने मलयेशिया और थाईलैंड में फंसा रहा निरपुड़ा का युवक
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बागपत। दलालों के झांसे में आकर निरपुड़ा का रोहित मोघा 22 महीने तक थाईलैंड और मलयेशिया में फंसा रहा। मलयेशिया में बंधक बनाकर रुपये वसूले गए। थाईलैंड से डिपोर्ट होने के बाद घर आने पर रोहित मोघा ने दलालों से रुपये वापस मांगे तो दलालों ने छह माह बाद रुपये देने की बात कही। मंगलवार को रोहित ने एएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
निरपुड़ा गांव के रहने वाले रोहित मोघा ने बताया कि गांव के ही दो युवकों ने कई साल पहले सहारनपुर जिले के देवबंद में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मुलाकात कराई थी, जो ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। देवबंद में रहने वाले रिश्तेदारों ने मलयेशिया में 90 हजार रुपये महीना चॉकलेट पैकिंग की नौकरी दिलाने का झांसा दिया, जिसको लेकर कई बार फोन पर बातचीत भी हुई। आरोप लगाया कि जून 2022 में देवबंद में रहने वाले रिश्तेदार उसके घर आए और उसका आधार कार्ड, पासपोर्ट की कॉपी और फोटो लेकर गए।
इसके बाद नौकरी लगवाने और मलेशिया भेजने के लिए कई बार में 5.39 लाख रुपये उससे लिए गए। दिसंबर 2022 में वर्क परमिट वीजा की जगह उसका एक माह का टूरिस्ट वीजा बनवाकर मलेशिया की जगह थाईलैंड भेज दिया गया। थाईलैंड पहुंचने पर मिले युवकों ने उसका पासपोर्ट छीनकर उसे बंधक बना लिया। धोखाधड़ी का पता चलने पर विरोध किया तो उसकी पिटाई भी की गई। बाद में अवैध तरीके से बॉर्डर पार कराकर मलयेशिया भेजने और वर्क परमिट वीजा बनवाने के लिए एक लाख रुपये वसूले गए।
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अवैध तरीके से थाईलैंड का बॉर्डर पार कराने के बाद उसे काम नहीं दिलाया और बंधक बनाकर परिवार वालों से 1.14 लाख रुपये मंगवाए गए। 22 माह तक मलयेशिया में बंधक बनाकर रखे जाने के बाद अवैध तरीके से थाईलैंड भेज दिया गया। दस जुलाई 2024 में थाईलैंड पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। तीन माह जेल में रहने के बाद 25 हजार थाईवाट का जुर्माना लगाकर भारत डिपोर्ट किया। आठ महीने पहले घर वापस आने पर उसने देवबंद में रहने वाले दलालों से रुपये वापस मांगे तो उन्होंने छह माह का समय मांगा।
अब रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। रोहित ने बताया कि देवबंद में रहने वाले दलालों के गिरोह कई युवकों को इसी तरह थाईलैंड और मलेशिया में भेजकर बंधक बनाकर रकम वसूल चुके हैं। रोहित ने दलालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई कराने की मांग की।
वर्जन - पूरे मामले की जांच दोघट पुलिस को दी गई है। इसमें जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। -प्रवीण कुमार चौहान, एएसपी
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निरपुड़ा गांव के रहने वाले रोहित मोघा ने बताया कि गांव के ही दो युवकों ने कई साल पहले सहारनपुर जिले के देवबंद में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मुलाकात कराई थी, जो ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। देवबंद में रहने वाले रिश्तेदारों ने मलयेशिया में 90 हजार रुपये महीना चॉकलेट पैकिंग की नौकरी दिलाने का झांसा दिया, जिसको लेकर कई बार फोन पर बातचीत भी हुई। आरोप लगाया कि जून 2022 में देवबंद में रहने वाले रिश्तेदार उसके घर आए और उसका आधार कार्ड, पासपोर्ट की कॉपी और फोटो लेकर गए।
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इसके बाद नौकरी लगवाने और मलेशिया भेजने के लिए कई बार में 5.39 लाख रुपये उससे लिए गए। दिसंबर 2022 में वर्क परमिट वीजा की जगह उसका एक माह का टूरिस्ट वीजा बनवाकर मलेशिया की जगह थाईलैंड भेज दिया गया। थाईलैंड पहुंचने पर मिले युवकों ने उसका पासपोर्ट छीनकर उसे बंधक बना लिया। धोखाधड़ी का पता चलने पर विरोध किया तो उसकी पिटाई भी की गई। बाद में अवैध तरीके से बॉर्डर पार कराकर मलयेशिया भेजने और वर्क परमिट वीजा बनवाने के लिए एक लाख रुपये वसूले गए।
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अवैध तरीके से थाईलैंड का बॉर्डर पार कराने के बाद उसे काम नहीं दिलाया और बंधक बनाकर परिवार वालों से 1.14 लाख रुपये मंगवाए गए। 22 माह तक मलयेशिया में बंधक बनाकर रखे जाने के बाद अवैध तरीके से थाईलैंड भेज दिया गया। दस जुलाई 2024 में थाईलैंड पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। तीन माह जेल में रहने के बाद 25 हजार थाईवाट का जुर्माना लगाकर भारत डिपोर्ट किया। आठ महीने पहले घर वापस आने पर उसने देवबंद में रहने वाले दलालों से रुपये वापस मांगे तो उन्होंने छह माह का समय मांगा।
अब रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। रोहित ने बताया कि देवबंद में रहने वाले दलालों के गिरोह कई युवकों को इसी तरह थाईलैंड और मलेशिया में भेजकर बंधक बनाकर रकम वसूल चुके हैं। रोहित ने दलालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई कराने की मांग की।
वर्जन - पूरे मामले की जांच दोघट पुलिस को दी गई है। इसमें जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। -प्रवीण कुमार चौहान, एएसपी