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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Muzaffarnagar: Ravi Kumar Diwakar—who issued the death warrant for the 22 convicts—is back in the spotlight

UP: 22 को फांसी की सजा देने वाले जज रवि कुमार दिवाकर फिर चर्चा में, हत्या के 100 केस की फाइलें वापस मंगाईं

Wed, 19 Aug 2026 12:46 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: Mohd Mustakim Updated Wed, 19 Aug 2026 12:46 AM IST
सार

Muzaffarnagar News: फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने 129 दिन में 22 दोषियों को फांसी की सजा दी है। अब उनके पास पेंडिंग हत्या के मामलों की फाइलों को जज ने रिकॉल (वापस मंगाना) करा लिया है।

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Muzaffarnagar: Ravi Kumar Diwakar—who issued the death warrant for the 22 convicts—is back in the spotlight
न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Judge Ravi Kumar Diwakar:  अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर की अदालत से हत्या के मामलों की 100 पत्रावलियां जिला जज ने रिकॉल (वापस मंगाना) कर ली हैं। न्यायाधीश ने सिर्फ 129 दिन में जनपद के नौ चर्चित मामलों में 22 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। फिलहाल इन मामलों की सुनवाई सत्र न्यायालय में होगी।
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मुजफ्फरनगर में न्यायालय स्थापना के 70 साल के इतिहास में जज रवि कुमार दिवाकर ने फांसी की सजा सुनाने का रिकॉर्ड बनाया है। छह अप्रैल से 13 अगस्त तक नौ चर्चित मामलों में एक महिला समेत 22 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
 
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मंगलवार को जिला जज बीरेंद्र कुमार सिंह ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहीं हत्या की 100 पत्रावली रिकॉल कीं। फास्ट ट्रैक कोर्ट के सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि इनमें सभी पत्रावली हत्या के मामलों की हैं।
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जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष अनिल जिंदल और श्यामवीर सिंह ने बताया कि उनकी सभी पत्रावलियां भी जिला सत्र न्यायालय ने रिकॉल की है। ये पत्रावलियां पेंडिंग केसों की हैं। जिन केस में फैसले दिए जा चुके हैं, वो जस के तस रहेंगे। 
 

जज रवि कुमार दिवाकर के फांसी वाले फैसले
1. समीर सैफी हत्याकांड (06 अप्रैल 2026) : सिंगोल , रिजवान, अरबाज को फांसी।
2. शेखर हत्याकांड (28 अप्रैल 2026) : दोषी मुकेश, उसके बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू को मृत्युदंड।
3. राजेश देवी-हिमांशु हत्याकांड (30 मई 2026) : अदालत ने दोषी रईस को फांसी।
4. राजेंद्र सैनी हत्याकांड (20 जून 2026) : रामकरण और गीलू को फांसी।
5. होमगार्ड रतिराम हत्याकांड (02 जुलाई 2026) : दोषी दीपक को फांसी।
6. राजबीर सिंह हत्याकांड (06 जुलाई 2026) : प्रमोद कुमार, सहदेव उर्फ पप्पू को फांसी।
7. राज सिंह हत्याकांड (17 जुलाई 2026) : अजीत, सूरज, अनिल और सुनील को मृत्युदंड।
8. सालिम हत्याकांड (12 अगस्त 2026) : दोषी शाहनवाज को फांसी।
9. पवन हत्याकांड : (13 अगस्त 2026) : राहुल, हरेंद्र, रामवीर, राजीव को मृत्युदंड।

बरेली से आए दिवाकर, जान को बताया था खतरा
फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर बरेली से पिछले साल 29 नवंबर को जिले में स्थानांतरित होकर आए थे। पिछले दिनों ही उन्होंने डीजीपी को पत्र भेजकर खुद को जान का खतरा बताया था। इसके अलावा आवास पर सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर भी एडीजी और एसएसपी को पत्र लिखे थे। प्रतिसार निरीक्षक पर भी सवाल खड़े किए थे।

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