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Baghpat News: बागपत को आठ साल इंतजार के बाद मिला सातवां अर्जुन
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बागपत/बिनौली। खिलाड़ियों की धरती कहे जाने वाले बागपत को आठ साल इंतजार करने के बाद शूटर अखिल श्योराण के रूप में सातवां अर्जुन मिल गया। इससे पहले वर्ष 2018 में खेकड़ा के पैरा एथलीट अंकुर धामा को अर्जुन अवाॅर्ड मिला था। वहीं इससे पहले चार पहलवान व एक शूटर को अर्जुन अवाॅर्ड मिल चुका है। वेस्ट यूपी का बागपत ही ऐसा जिला है, जहां सात अर्जुन अवाॅर्डी होंगे।
मलकपुर के पहलवान सुभाष तोमर को वर्ष 1987 में पहला अर्जुन अवाॅर्ड मिला। वह लगातार 15 बार हिंद केसरी का खिताब जीत चुके हैं। इनके बाद जौहड़ी के पिस्टल शूटर विवेक सिंह को वर्ष 1999 में अर्जुन अवाॅर्ड मिला। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण और रजत पदक विजेता विवेक सिंह को यह अवार्ड मिला तो यह सम्मान मिलने वाले वह पहले शूटर भी बन गए।
मलकपुर गांव के ही पहलवान शोकेंद्र तोमर को वर्ष 2003 में अर्जुन अवाॅर्ड मिला। कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में दमदार प्रदर्शन कर शोकेंद्र तोमर ने दुनियाभर में अपने नाम का डंका बजवाया था। इसके बाद भी अर्जुन अवाॅर्ड मलकपुर गांव में आया और पहलवान राजीव तोमर को वर्ष 2010 में अर्जुन अवाॅर्ड मिला। बीजिंग ओलंपिक में राजीव ने देश का प्रतिनिधित्व किया था।
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दाहा गांव के पहलवान सुनील राणा को वर्ष 2014 में अर्जुन अवाॅर्ड मिला, वह देश के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीत चुके हैं। इनके बाद पैरा एथलीट अंकुर धामा ने वर्ष 2018 में अर्जुन अवाॅर्ड दिलाया। बचपन में ही आंखों की रोशनी गंवाने वाले अंकुर ने पैरा ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया था। इस तरह अखिल श्योराण के साथ ही बागपत में अब सात अर्जुन अवाॅर्डी हो गए हैं।
-अखिल को अर्जुन अवार्ड मिलने की घोषणा होते ही मनाई खुशी
शूटर अखिल श्योराण को मंगलवार को अर्जुन अवार्ड मिलने की घोषणा होने का अंगदपुर गांव में पता चला तो उनके घर, गांव में खुशी मनाई गई। पिता रविंद्र उर्फ बबलू श्योराण ने बताया कि जब बेटे को अर्जुन अवाॅर्ड मिलने की बात का पता चला तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
उन्होंने बताया कि अखिल को वर्ष 2024 में लक्ष्मण अवाॅर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अखिल वर्तमान में मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं और खेलने के लिए पांच साल की छुट्टी मिली हुई है। अखिल को अर्जुन अवाॅर्ड मिलने की घोषणा पर उनके पिता रविंद्र श्योराण, मां ममता श्योराण, भाई निखिल श्योराण और दादी विमला श्योराण ने खुशी जताई।
-अखिल ने विदेशी धरती पर खूब पदक जीते
-वर्ष 2014 में आईएसएसएफ वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप स्पेन में कांस्य पदक
-वर्ष 2015 में आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप जर्मनी में कांस्य पदक, एशियन शूटिंग चैंपियनशिप कुवैत में एक स्वर्ण, तीन रजत पदक
-वर्ष 2016 में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप पोलैंड में दो स्वर्ण पदक
-वर्ष 2017 में अंतरराष्ट्रीय शूटिंग कंपटीशन में जर्मनी में कांस्य पदक
-वर्ष 2018 में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप मेक्सिको में स्वर्ण पदक, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी मलेशिया में एक कांस्य पदक
-वर्ष 2019 में साउथ एशिया गेम्स काठमांडू नेपाल में रजत पदक
-वर्ष 2022 में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में कांस्य पदक
-वर्ष 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और एक रजत पदक, एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक
-वर्ष 2024 में आईएसएसएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक, ग्रैंड प्रिक्स व्रोकलाविया और डोलनेगो स्लास्का अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक
-वर्ष 2025 में कजाकिस्तान में एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में रजत पदक
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मलकपुर के पहलवान सुभाष तोमर को वर्ष 1987 में पहला अर्जुन अवाॅर्ड मिला। वह लगातार 15 बार हिंद केसरी का खिताब जीत चुके हैं। इनके बाद जौहड़ी के पिस्टल शूटर विवेक सिंह को वर्ष 1999 में अर्जुन अवाॅर्ड मिला। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण और रजत पदक विजेता विवेक सिंह को यह अवार्ड मिला तो यह सम्मान मिलने वाले वह पहले शूटर भी बन गए।
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मलकपुर गांव के ही पहलवान शोकेंद्र तोमर को वर्ष 2003 में अर्जुन अवाॅर्ड मिला। कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में दमदार प्रदर्शन कर शोकेंद्र तोमर ने दुनियाभर में अपने नाम का डंका बजवाया था। इसके बाद भी अर्जुन अवाॅर्ड मलकपुर गांव में आया और पहलवान राजीव तोमर को वर्ष 2010 में अर्जुन अवाॅर्ड मिला। बीजिंग ओलंपिक में राजीव ने देश का प्रतिनिधित्व किया था।
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दाहा गांव के पहलवान सुनील राणा को वर्ष 2014 में अर्जुन अवाॅर्ड मिला, वह देश के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीत चुके हैं। इनके बाद पैरा एथलीट अंकुर धामा ने वर्ष 2018 में अर्जुन अवाॅर्ड दिलाया। बचपन में ही आंखों की रोशनी गंवाने वाले अंकुर ने पैरा ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया था। इस तरह अखिल श्योराण के साथ ही बागपत में अब सात अर्जुन अवाॅर्डी हो गए हैं।
-अखिल को अर्जुन अवार्ड मिलने की घोषणा होते ही मनाई खुशी
शूटर अखिल श्योराण को मंगलवार को अर्जुन अवार्ड मिलने की घोषणा होने का अंगदपुर गांव में पता चला तो उनके घर, गांव में खुशी मनाई गई। पिता रविंद्र उर्फ बबलू श्योराण ने बताया कि जब बेटे को अर्जुन अवाॅर्ड मिलने की बात का पता चला तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
उन्होंने बताया कि अखिल को वर्ष 2024 में लक्ष्मण अवाॅर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अखिल वर्तमान में मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं और खेलने के लिए पांच साल की छुट्टी मिली हुई है। अखिल को अर्जुन अवाॅर्ड मिलने की घोषणा पर उनके पिता रविंद्र श्योराण, मां ममता श्योराण, भाई निखिल श्योराण और दादी विमला श्योराण ने खुशी जताई।
-अखिल ने विदेशी धरती पर खूब पदक जीते
-वर्ष 2014 में आईएसएसएफ वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप स्पेन में कांस्य पदक
-वर्ष 2015 में आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप जर्मनी में कांस्य पदक, एशियन शूटिंग चैंपियनशिप कुवैत में एक स्वर्ण, तीन रजत पदक
-वर्ष 2016 में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप पोलैंड में दो स्वर्ण पदक
-वर्ष 2017 में अंतरराष्ट्रीय शूटिंग कंपटीशन में जर्मनी में कांस्य पदक
-वर्ष 2018 में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप मेक्सिको में स्वर्ण पदक, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी मलेशिया में एक कांस्य पदक
-वर्ष 2019 में साउथ एशिया गेम्स काठमांडू नेपाल में रजत पदक
-वर्ष 2022 में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में कांस्य पदक
-वर्ष 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और एक रजत पदक, एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक
-वर्ष 2024 में आईएसएसएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक, ग्रैंड प्रिक्स व्रोकलाविया और डोलनेगो स्लास्का अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक
-वर्ष 2025 में कजाकिस्तान में एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में रजत पदक