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माता-पिता और गुरुओं की सेवा करने से होगा कल्याण : अनुभूति माता
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-बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में हुआ भक्तांबर महामंड़ल विधान
फोटो नंबर 18केएआर 1
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में मंगलवार को भक्तांबर महामंडल विधान संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा की।
विधान की शुरुआत भगवान के अभिषेक, शांतिधारा और कष्ट निवारक क्रियाओं से हुई। श्रद्धालुओं ने नित्य नियम पूजा के साथ 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष आराधना की। धर्म सभा में अनुभूति माता ने प्रवचन देते हुए कहा कि माता-पिता और गुरुओं का कभी अनादर नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका सम्मान करने वालों के लिए भगवान कामयाबी के द्वार खोल देते हैं, जिससे जीवन में कष्ट नहीं आते। अनुभूति माता ने मनुष्य के कल्याण के लिए माता-पिता, गुरुओं की सेवा और भगवान की भक्ति को अनिवार्य बताया। इस अवसर पर त्रिलोक चंद जैन, श्यामलाल जैन, अभिषेक जैन, महेश जैन, राजेश जैन, कपिल जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे।
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फोटो नंबर 18केएआर 1
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में मंगलवार को भक्तांबर महामंडल विधान संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा की।
विधान की शुरुआत भगवान के अभिषेक, शांतिधारा और कष्ट निवारक क्रियाओं से हुई। श्रद्धालुओं ने नित्य नियम पूजा के साथ 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष आराधना की। धर्म सभा में अनुभूति माता ने प्रवचन देते हुए कहा कि माता-पिता और गुरुओं का कभी अनादर नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका सम्मान करने वालों के लिए भगवान कामयाबी के द्वार खोल देते हैं, जिससे जीवन में कष्ट नहीं आते। अनुभूति माता ने मनुष्य के कल्याण के लिए माता-पिता, गुरुओं की सेवा और भगवान की भक्ति को अनिवार्य बताया। इस अवसर पर त्रिलोक चंद जैन, श्यामलाल जैन, अभिषेक जैन, महेश जैन, राजेश जैन, कपिल जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे।
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