{"_id":"6a8457d6700a4336d5077624","slug":"the-real-purpose-of-life-is-to-recognize-the-soul-arjava-sthe-real-purpose-of-life-is-to-recognize-the-soul-arjava-sagarr-baghpat-news-c-28-1-smrt1003-157207-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मा को पहचानना है : आर्जव सागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मा को पहचानना है : आर्जव सागर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-अजितनाथ सभागार में आयोजित धर्म सभा में आचार्य आर्जव सागर ने किए प्रवचन
फोटो संख्या 4
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। अजितनाथ सभागार मंडी में मंगलवार को आयोजित धर्म सभा में आचार्य आर्जव सागर ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि यह शरीर एक किराये के घर के समान है। जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मा को पहचानना है, न कि सांसारिक वस्तुओं के मोह में पड़ना।
आचार्य आर्जव सागर ने जोर दिया कि मनुष्य संसार की वस्तुओं और रिश्तों के मोह में अपना जीवन व्यर्थ कर रहा है। उन्होंने बताया कि सुख-सुविधाओं और वैभव के कारण व्यक्ति अहंकार में डूब जाता है। इससे वह अपनी आत्मा को भूल जाता है। जब शरीर ही अपना नहीं है, तो सांसारिक वस्तुओं का संग्रह क्यों बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि अब अंतरमन की आंखें खोलकर आत्मकल्याण की ओर बढ़ने का समय है। इस अवसर पर अजितनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मुकेश जैन और अन्य पदाधिकारियों ने चातुर्मास पत्रिका का विमोचन किया। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार को भगवान पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुबह सात बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। धर्म सभा में महेंद्र जैन, राजेश जैन, राजेश भारती, प्रदीप जैन, वरदान जैन, नवीन जैन, विकास जैन और अंकुर जैन समेत कई लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
फोटो संख्या 4
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। अजितनाथ सभागार मंडी में मंगलवार को आयोजित धर्म सभा में आचार्य आर्जव सागर ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि यह शरीर एक किराये के घर के समान है। जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मा को पहचानना है, न कि सांसारिक वस्तुओं के मोह में पड़ना।
आचार्य आर्जव सागर ने जोर दिया कि मनुष्य संसार की वस्तुओं और रिश्तों के मोह में अपना जीवन व्यर्थ कर रहा है। उन्होंने बताया कि सुख-सुविधाओं और वैभव के कारण व्यक्ति अहंकार में डूब जाता है। इससे वह अपनी आत्मा को भूल जाता है। जब शरीर ही अपना नहीं है, तो सांसारिक वस्तुओं का संग्रह क्यों बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि अब अंतरमन की आंखें खोलकर आत्मकल्याण की ओर बढ़ने का समय है। इस अवसर पर अजितनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मुकेश जैन और अन्य पदाधिकारियों ने चातुर्मास पत्रिका का विमोचन किया। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार को भगवान पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुबह सात बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। धर्म सभा में महेंद्र जैन, राजेश जैन, राजेश भारती, प्रदीप जैन, वरदान जैन, नवीन जैन, विकास जैन और अंकुर जैन समेत कई लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन