Baghpat: मैकेनिक हत्याकांड पर फूटा गुस्सा, आरोपी के एनकाउंटर को अड़े ग्रामीण, शव रखकर हंगामा, मुआवजे की मांग
बागपत के हिलवाड़ी गांव में मैकेनिक चंद्रपाल की हत्या के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए हत्यारोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये की सहायता की मांग की।
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उत्तर प्रदेश में बड़ौत के हिलवाड़ी गांव में मैकेनिक चंद्रपाल की हत्या के बाद ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। पोस्टमार्टम के बाद जब चंद्रपाल का शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। गांव में तनावपूर्ण माहौल के बीच बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
शव गांव पहुंचते ही शुरू हुआ विरोध
सोमवार को हिलवाड़ी निवासी मैकेनिक चंद्रपाल की हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कूलर ठीक करने के पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। ग्रामीण जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
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हत्यारोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने आरोपी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई और प्रशासन से शीघ्र न्याय दिलाने की अपील की। (ध्यान रहे कि किसी आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय कानून और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाता है।)
परिवार के लिए नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने मृतक के परिवार के लिए विशेष सहायता पैकेज की मांग भी रखी। उनका कहना है कि मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए तथा परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सके।
गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे हुए थे और अंतिम संस्कार को लेकर निर्णय नहीं लिया गया था। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता जारी थी।