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Baghpat News: दलालों ने विवाह योजना में सेंध लगाकर लूट लिए बेटियों के अरमान
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बागपत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दलालों ने सेंध लगानी शुरू कर दी। वह आवेदन करने वालों का पूरा ब्योरा लेकर उनसे संपर्क करके पांच-पांच हजार रुपये मांगते हैं। रुपये नहीं मिलने पर कागज पूरे होने के बाद भी किसी का आवेदन निरस्त करा दिया जाता है तो किसी को पात्रों की सूची में नाम नहीं होने की बात कहकर कार्यक्रम स्थल से वापस भेज दिया जाता है। इससे यह भी शक जताया जा रहा है कि उन दलालों के साथ कर्मचारी मिले हुए हैं, जो उनको पूरी जानकारी देते हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटियों की शादी कराने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 225 से ज्यादा आवेदन आए और उनकी जांच करने के बाद 180 बेटियों को शादी के लिए पात्र माना गया। अन्य के आवेदन निरस्त कर दिए गए। इन 180 बेटियों की शादी के लिए बुधवार को बड़ौत के रिसोर्ट में कार्यक्रम रखा गया, जहां 149 बेटियाें की शादी हो सकी। किसी का दूल्हा नहीं आया तो किसी को सूचना नहीं दी गई। वहीं इसमें दलालों की सेंधमारी का खुलासा भी हुआ है।
डौला की रेनू ने बताया कि उसका परिवार काफी गरीब है। परिजनों ने इस उम्मीद के साथ बागपत के युवक से शादी तय कर दी थी कि सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करा दी जाएगी। उनके आवेदन करने के बाद दलाल का उनके पास फोन आया और उसने पांच हजार रुपये मांगते हुए पात्रों की सूची में नाम डलवाने की बात कही। रेनू ने बताया कि उन्होंने सभी कागज लगाए थे और वह पात्रता पूरी करते थे, इसलिए रुपये देने से मना कर दिया। बाद में देखा तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इस तरह शादी का सपना टूट गया।
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डौला गांव की स्वीटी शर्मा ने भी शादी के लिए आवेदन किया था और उनको पात्र दर्शाते हुए सूची में नाम शामिल किया गया। स्वीटी ने बताया कि जब वह बड़ौत में बस स्टैंड के पास पहुंचीं तो दलाल ने उनको फोन किया कि उनका नाम सूची से काट दिया गया है। इसलिए उन्हें मंडप में आने की जरूरत नहीं है। दलाल को कहा कि उनका नाम तो सूची में भी है तो दलाल बोला कि उनकी शादी पहले हो चुकी है। इसलिए अब सूची से नाम हटा दिया गया। इस तरह उनको भी योजना का लाभ नहीं मिल सका।
-विभाग ने नहीं दी सूचना, शादी का सपना अधूरा रह गया
डौला के धर्मवीर ने बताया कि बेटी किरण की शादी दिल्ली के युवक के साथ तय हुई थी। उनका नाम सूची में था मगर उन्हें विभाग से शादी के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई। बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे समूह की एक महिला का फोन आया कि उनकाे सूची में शामिल करा दिया गया है और वह शादी में शामिल हो सकते हैं। देरी से फोन आने के कारण लड़का पक्ष भी नहीं आ सकता था। इस तरह विभाग की लापरवाही से शादी का सपना अधूरा रह गया।
वर्जन-
सामूहिक विवाह योजना के तहत आने वाले आवेदनों व पात्रों की सूची दलालों के पास कैसे पहुंच रही है, इसकी जांच कराई जाएगी। जिनके पास दलालों के फोन आए हैं, उनसे नंबर लेकर जांच कराई जाएगी और उन पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। -अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटियों की शादी कराने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 225 से ज्यादा आवेदन आए और उनकी जांच करने के बाद 180 बेटियों को शादी के लिए पात्र माना गया। अन्य के आवेदन निरस्त कर दिए गए। इन 180 बेटियों की शादी के लिए बुधवार को बड़ौत के रिसोर्ट में कार्यक्रम रखा गया, जहां 149 बेटियाें की शादी हो सकी। किसी का दूल्हा नहीं आया तो किसी को सूचना नहीं दी गई। वहीं इसमें दलालों की सेंधमारी का खुलासा भी हुआ है।
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डौला की रेनू ने बताया कि उसका परिवार काफी गरीब है। परिजनों ने इस उम्मीद के साथ बागपत के युवक से शादी तय कर दी थी कि सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करा दी जाएगी। उनके आवेदन करने के बाद दलाल का उनके पास फोन आया और उसने पांच हजार रुपये मांगते हुए पात्रों की सूची में नाम डलवाने की बात कही। रेनू ने बताया कि उन्होंने सभी कागज लगाए थे और वह पात्रता पूरी करते थे, इसलिए रुपये देने से मना कर दिया। बाद में देखा तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इस तरह शादी का सपना टूट गया।
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डौला गांव की स्वीटी शर्मा ने भी शादी के लिए आवेदन किया था और उनको पात्र दर्शाते हुए सूची में नाम शामिल किया गया। स्वीटी ने बताया कि जब वह बड़ौत में बस स्टैंड के पास पहुंचीं तो दलाल ने उनको फोन किया कि उनका नाम सूची से काट दिया गया है। इसलिए उन्हें मंडप में आने की जरूरत नहीं है। दलाल को कहा कि उनका नाम तो सूची में भी है तो दलाल बोला कि उनकी शादी पहले हो चुकी है। इसलिए अब सूची से नाम हटा दिया गया। इस तरह उनको भी योजना का लाभ नहीं मिल सका।
-विभाग ने नहीं दी सूचना, शादी का सपना अधूरा रह गया
डौला के धर्मवीर ने बताया कि बेटी किरण की शादी दिल्ली के युवक के साथ तय हुई थी। उनका नाम सूची में था मगर उन्हें विभाग से शादी के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई। बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे समूह की एक महिला का फोन आया कि उनकाे सूची में शामिल करा दिया गया है और वह शादी में शामिल हो सकते हैं। देरी से फोन आने के कारण लड़का पक्ष भी नहीं आ सकता था। इस तरह विभाग की लापरवाही से शादी का सपना अधूरा रह गया।
वर्जन-
सामूहिक विवाह योजना के तहत आने वाले आवेदनों व पात्रों की सूची दलालों के पास कैसे पहुंच रही है, इसकी जांच कराई जाएगी। जिनके पास दलालों के फोन आए हैं, उनसे नंबर लेकर जांच कराई जाएगी और उन पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। -अनिल कुमार सिंह, सीडीओ