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पानी जहरीला कर रही फैक्टरियों पर अफसर सख्त, एसडीएम ने जांच शुरू कराई
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बागपत। नगर के पुराने इलाके में जींस रंगाई की फैक्टरियों से निकलने वाले रसायन युक्त पानी से भूजल जहरीला होने लगा है। इसके पीने से बच्चों के दांत खराब हो रहे हैं। इतना ही नहीं वे अन्य बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। इसलिए स्थानीय लोगों ने समस्या के जल्द समाधान की मांग उठाई है। इस पर एसडीएम ने जांच शुरू करा दी है। उन्होंने साफ कर दिया कि रिपोर्ट आने के अगले दो दिन में कार्रवाई शुरू की जाएगी।
गाजियाबाद व लोनी से बंद कराई गई जींस रंगाई की फैक्टरियों को बागपत में अवैध रूप से स्थापित कर दिया गया। इनके लिए प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनुमति तक नहीं ली गई। ईटीपी (इफ्ल्युएंट ट्रीटमेंट प्लांट) भी नहीं लगाया गया। इस तरह अवैध फैक्टरियों से निकल रहा जहरीले रसायन युक्त पानी को जमीन व नालों में छोड़ा जा रहा है। जिससे वहां का भूजल दूषित हो रहा है। एक साल पहले लगाई गई ये फैक्टरियां स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष कुमार बताते हैं कि रसायन युक्त पानी पीने से बच्चों के दांत तेजी से खराब हो रहे हैं। दांत पीले पड़ने लगे हैं तो उनमें धब्बे आ गए हैं। दांत कमजोर हो रहे हैं। वे खाना खाने के दौरान दर्द करते हैं। इनके अतिरिक्त रसायन युक्त पानी के उपयोग से कई अन्य गंभीर रोग होने की भी आशंका रहती है। ये जानलेवा साबित हो सकते हैं।
समस्या के जल्द समाधान की मांग
मिर्धानपुर मोहल्ला निवासी तौसीना व नसीमुद्दीन का कहना है कि उनके यहां दूषित पानी की आपूर्ति होती है। उसमें से बदबू आती है। इसेे पीने से बच्चे बीमार रहने लगे हैं। इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
जितनी भी जींस रंगाई की ऐसी फैक्टरी चल रही हैं, जिनसे पानी दूषित हो रहा है। इसकी जांच शुरू कराई गई है। जांच रिपोर्ट आने वाली है। अगले दो दिन में कार्रवाई की जाएगी। जहरीला पानी खुले में छोड़ना अनुचित है। -अनुभव सिंह, एसडीएम
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गाजियाबाद व लोनी से बंद कराई गई जींस रंगाई की फैक्टरियों को बागपत में अवैध रूप से स्थापित कर दिया गया। इनके लिए प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनुमति तक नहीं ली गई। ईटीपी (इफ्ल्युएंट ट्रीटमेंट प्लांट) भी नहीं लगाया गया। इस तरह अवैध फैक्टरियों से निकल रहा जहरीले रसायन युक्त पानी को जमीन व नालों में छोड़ा जा रहा है। जिससे वहां का भूजल दूषित हो रहा है। एक साल पहले लगाई गई ये फैक्टरियां स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष कुमार बताते हैं कि रसायन युक्त पानी पीने से बच्चों के दांत तेजी से खराब हो रहे हैं। दांत पीले पड़ने लगे हैं तो उनमें धब्बे आ गए हैं। दांत कमजोर हो रहे हैं। वे खाना खाने के दौरान दर्द करते हैं। इनके अतिरिक्त रसायन युक्त पानी के उपयोग से कई अन्य गंभीर रोग होने की भी आशंका रहती है। ये जानलेवा साबित हो सकते हैं।
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समस्या के जल्द समाधान की मांग
मिर्धानपुर मोहल्ला निवासी तौसीना व नसीमुद्दीन का कहना है कि उनके यहां दूषित पानी की आपूर्ति होती है। उसमें से बदबू आती है। इसेे पीने से बच्चे बीमार रहने लगे हैं। इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
जितनी भी जींस रंगाई की ऐसी फैक्टरी चल रही हैं, जिनसे पानी दूषित हो रहा है। इसकी जांच शुरू कराई गई है। जांच रिपोर्ट आने वाली है। अगले दो दिन में कार्रवाई की जाएगी। जहरीला पानी खुले में छोड़ना अनुचित है। -अनुभव सिंह, एसडीएम
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