{"_id":"6a3300aac5397aef8a0fc250","slug":"fake-royalty-scam-network-spreads-across-up-through-clerks-and-contractorsfake-royalty-scam-network-spreads-across-up-through-clerks-and-contractors-baghpat-news-c-28-1-bag1001-153617-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी रॉयल्टी प्रकरण: लिपिकों और ठेकेदारों के सहारे पूरे यूपी में फैला है जाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी रॉयल्टी प्रकरण: लिपिकों और ठेकेदारों के सहारे पूरे यूपी में फैला है जाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बागपत। निवाड़ा गांव में असली रॉयल्टी (इंटर स्टेट ट्रांजिट परमिट) में बदलाव कर फर्जी राॅयल्टी बनाकर सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की राजस्व चोरी करने वाले गिरोह के सदस्यों ने लिपिकों और ठेकेदारों के सहारे पूरे यूपी में अपना जाल फैला रखा था। इसका खुलासा गिरोह के सदस्यों ने एसटीएफ की पूछताछ में किया। इस प्रकरण में एसटीएफ के इंस्पेक्टर ने आठ जिलों के पीडब्ल्यूडी कार्यालयों में तैनात दस लिपिकों समेत 23 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिनमें अन्य जिलों के लिपिकों पर भी जल्द शिकंजा कसा जा सकता है।
एसटीएफ मेरठ की टीम ने मंगलवार को निवाड़ा के इंडियन नर्सिंग होम से लोनिवि के बाबू मंदीप निवासी लोयन मलकपुर, नईम, तालिब, फिरोज निवासी निवाड़ा और आरिफ निवासी बुड्ढापीर सिवालखास जिला मेरठ को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपियों के मोबाइल से आठ जिलों के पीडब्ल्यूडी कार्यालयों के लिपिकों के साथ व्हाट्सएप चेट मिली, जिन्हें असली और फर्जी रॉयल्टी भेजकर बातचीत की गई थी। साथ ही यह भी बताया कि पूरे प्रदेश के पीडब्ल्यूडी कार्यालयों के लिपिकों और ठेकेदारों से उनके संपर्क हैं, जो फर्जी रॉयल्टी जमा करके भुगतान कराते हैं।
इसके बाद एसटीएफ के इंस्पेक्टर ने बागपत, संभल, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद के पीडब्ल्यूडी कार्यालयों में तैनात दस लिपिकों समेत 23 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें दो अन्य लोगों के नाम सामने आने पर उनको विवेचना में शामिल किया गया। एसटीएफ की जांच में आठ जिलों के अलावा अन्य जनपदों के लिपिकों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें आरोपियों के फोन में मिले नंबरों पर हुई व्हाट्सएप चेट से अन्य जिलों के लिपिकों के नाम भी जांच में बढ़ाए जाएंगे।
विज्ञापन
-आरोपियों पर लगेगी गैंगस्टर, खातों की जांच व संपत्ति कुर्क होगी
फर्जी रॉयल्टी तैयार कर सरकारी खजाने से भुगतान करने वाले गिरोह के सदस्यों पर पुलिस ने हर तरह से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब जल्द ही पुलिस की तरफ से आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। फर्जी रॉयल्टी बेचकर कमाए गए रुपयों से आरोपियों ने मकान और कई प्लॉट भी खरीदे थे। अब आरोपियों के मकान समेत अन्य संपत्ति भी कुर्क की जाएगी। इनके अलावा बैंक खातों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
-पांच आरोपी जेल भेजे, सरगना घर छोड़कर भाग गया
फर्जी रॉयल्टी बनाकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व हानि पहुंचाने के मामले में पुलिस ने बुधवार को आरोपी लोनिवि के बाबू मंदीप निवासी लोयन मलकपुर, नईम, तालिब, फिरोज निवासी निवाड़ा और आरिफ निवासी बुड्ढापीर सिवालखास जिला मेरठ को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। वहीं उनके साथियों की तलाश में दबिश दी गई। गिरोह का सरगना जाहिद उर्फ लालू, आगरा का राजा भी अपना घर छोड़कर भाग गए हैं।
वर्जन-
फर्जी रॉयल्टी बनाने वाले गिरोह के सदस्यों पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर संपत्ति कुर्क की जाएगी। इसके अलावा जांच में जिसकी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसमें आगरा के राजा का पता लगाया जा रहा है, उससे अन्य जिलों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। -सूरज कुमार राय, एसपी।
एसटीएफ मेरठ की टीम ने मंगलवार को निवाड़ा के इंडियन नर्सिंग होम से लोनिवि के बाबू मंदीप निवासी लोयन मलकपुर, नईम, तालिब, फिरोज निवासी निवाड़ा और आरिफ निवासी बुड्ढापीर सिवालखास जिला मेरठ को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपियों के मोबाइल से आठ जिलों के पीडब्ल्यूडी कार्यालयों के लिपिकों के साथ व्हाट्सएप चेट मिली, जिन्हें असली और फर्जी रॉयल्टी भेजकर बातचीत की गई थी। साथ ही यह भी बताया कि पूरे प्रदेश के पीडब्ल्यूडी कार्यालयों के लिपिकों और ठेकेदारों से उनके संपर्क हैं, जो फर्जी रॉयल्टी जमा करके भुगतान कराते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद एसटीएफ के इंस्पेक्टर ने बागपत, संभल, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद के पीडब्ल्यूडी कार्यालयों में तैनात दस लिपिकों समेत 23 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें दो अन्य लोगों के नाम सामने आने पर उनको विवेचना में शामिल किया गया। एसटीएफ की जांच में आठ जिलों के अलावा अन्य जनपदों के लिपिकों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें आरोपियों के फोन में मिले नंबरों पर हुई व्हाट्सएप चेट से अन्य जिलों के लिपिकों के नाम भी जांच में बढ़ाए जाएंगे।
-आरोपियों पर लगेगी गैंगस्टर, खातों की जांच व संपत्ति कुर्क होगी
फर्जी रॉयल्टी तैयार कर सरकारी खजाने से भुगतान करने वाले गिरोह के सदस्यों पर पुलिस ने हर तरह से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब जल्द ही पुलिस की तरफ से आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। फर्जी रॉयल्टी बेचकर कमाए गए रुपयों से आरोपियों ने मकान और कई प्लॉट भी खरीदे थे। अब आरोपियों के मकान समेत अन्य संपत्ति भी कुर्क की जाएगी। इनके अलावा बैंक खातों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
-पांच आरोपी जेल भेजे, सरगना घर छोड़कर भाग गया
फर्जी रॉयल्टी बनाकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व हानि पहुंचाने के मामले में पुलिस ने बुधवार को आरोपी लोनिवि के बाबू मंदीप निवासी लोयन मलकपुर, नईम, तालिब, फिरोज निवासी निवाड़ा और आरिफ निवासी बुड्ढापीर सिवालखास जिला मेरठ को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। वहीं उनके साथियों की तलाश में दबिश दी गई। गिरोह का सरगना जाहिद उर्फ लालू, आगरा का राजा भी अपना घर छोड़कर भाग गए हैं।
वर्जन-
फर्जी रॉयल्टी बनाने वाले गिरोह के सदस्यों पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर संपत्ति कुर्क की जाएगी। इसके अलावा जांच में जिसकी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसमें आगरा के राजा का पता लगाया जा रहा है, उससे अन्य जिलों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। -सूरज कुमार राय, एसपी।