{"_id":"6a3300f59060e03d61051029","slug":"worshipped-lord-shantinath-by-offering-512-arghyas-baghpat-news-c-28-1-smrt1013-153595-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: 512 अर्घ्य अर्पित कर की भगवान शांतिनाथ की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: 512 अर्घ्य अर्पित कर की भगवान शांतिनाथ की पूजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
खेकड़ा। कस्बे के भगवान शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में समोशरण महार्चना श्रुत पंचमी महोत्सव में बुधवार को श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ को 512 अर्घ्य अर्पित कर पूजा की। बच्चों ने भगवान शांतिनाथ को समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
णमोकार मंत्र के साथ समोशरण महार्चना श्रुत पंचमी महोत्सव शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ की नित्य नियम पूजा की। भगवान का अभिषेक, शांतिधारा के बाद सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा एवं मंडप प्रतिष्ठा हुई। इसके बाद आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में पंच प्रमेष्टि विधान शुरू हुआ। विधानाचार्य नमन जैन ने विधि विधान पूर्वक मंत्रोच्चार के साथ विधान में पूजा पूर्ण कराई।
भक्तामर दीपार्चना में श्रद्धालुओं ने 108 दीपों से भगवान शांतिनाथ की पूजा कर धर्म लाभ उठाया। आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि सभी को भगवान शांतिनाथ के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। इस मौके पर मंदिर समिति के प्रधान नितिन जैन, अंकुश जैन, सुमेर जैन, कमल जैन, प्रदीप जैन, मनोज जैन, नरेश जैन मौजूद रहे।
विज्ञापन
णमोकार मंत्र के साथ समोशरण महार्चना श्रुत पंचमी महोत्सव शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ की नित्य नियम पूजा की। भगवान का अभिषेक, शांतिधारा के बाद सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा एवं मंडप प्रतिष्ठा हुई। इसके बाद आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में पंच प्रमेष्टि विधान शुरू हुआ। विधानाचार्य नमन जैन ने विधि विधान पूर्वक मंत्रोच्चार के साथ विधान में पूजा पूर्ण कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन
भक्तामर दीपार्चना में श्रद्धालुओं ने 108 दीपों से भगवान शांतिनाथ की पूजा कर धर्म लाभ उठाया। आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि सभी को भगवान शांतिनाथ के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। इस मौके पर मंदिर समिति के प्रधान नितिन जैन, अंकुश जैन, सुमेर जैन, कमल जैन, प्रदीप जैन, मनोज जैन, नरेश जैन मौजूद रहे।