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कर्तव्यों का निर्वहन करना ही जीवन का सार : प्रभ सागर
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जैन संत आचार्य प्रभ सागर महाराज ने बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया
फोटो नंबर 08केएआर 2
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। जैन संत आचार्य प्रभ सागर महाराज ने सोमवार को दिल्ली स्थित जैन मंदिर से बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। आचार्य महाराज ने इस अवसर पर प्रवचन देते हुए मनुष्य के कर्तव्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।
आचार्य प्रभ सागर महाराज दिल्ली स्थित जैन मंदिर से पद विहार करते हुए बड़ागांव पहुंचे। त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में पहुंचकर वे विराजमान हुए। मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की वंदना की। अपने प्रवचन में आचार्य प्रभ सागर महाराज ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इससे परिवार, समाज और देश की उन्नति सुनिश्चित होती है। आचार्य महाराज ने जोर दिया कि जन्मदाताओं और अपनी संतानों के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन ही जीवन का सार है। यह संदेश उन्होंने उपस्थित जनसमूह को दिया। इस अवसर पर त्रिलोक चंद जैन, नितिन जैन, प्रदीप जैन, राजीव जैन, मनोज जैन और प्रमोद जैन माैजूद रहे।
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आचार्य प्रभ सागर महाराज दिल्ली स्थित जैन मंदिर से पद विहार करते हुए बड़ागांव पहुंचे। त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में पहुंचकर वे विराजमान हुए। मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की वंदना की। अपने प्रवचन में आचार्य प्रभ सागर महाराज ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इससे परिवार, समाज और देश की उन्नति सुनिश्चित होती है। आचार्य महाराज ने जोर दिया कि जन्मदाताओं और अपनी संतानों के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन ही जीवन का सार है। यह संदेश उन्होंने उपस्थित जनसमूह को दिया। इस अवसर पर त्रिलोक चंद जैन, नितिन जैन, प्रदीप जैन, राजीव जैन, मनोज जैन और प्रमोद जैन माैजूद रहे।
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