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Baghpat News: प्रधानों का कार्यकाल बढ़ेगा तो विकास कार्य ऐसे ही होते रहेंगे
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बागपत। प्रधानों का कार्यकाल मई में समाप्त हो जाएगा और अभी पंचायत चुनाव होने की भी उम्मीद नहीं है। ऐसे में प्रधान अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि प्रधानों का कार्यकाल बढ़ेगा तो विकास कार्य इस तरह ही होते रहेंगे, जैसे अभी तक हो रहे हैं। उनके अनुसार प्रशासक नियुक्त होने से गांवों में विकास कार्य थम जाएंगे और लोगों की समस्या का समाधान भी नहीं होगा।
-प्रशासक नियुक्त होने से विकास का पहिया थमेगा
निवाड़ा गांव के प्रधान हसरत का कहना है कि मई माह में प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में प्रदेश सरकार भी प्रशासक नियुक्त कर सकती है। प्रशासक नियुक्त होने से गांवों में विकास का पहिया थम जाएगा और लोगों की समस्या का भी समय से समाधान नहीं हो सकेगा। इसलिए सरकार को प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए।
-प्रधानों के पास ही रहनी चाहिए गांवों की जिम्मेदारी
फैजपुर निनाना की प्रधान प्रीति देवी कहती हैं कि यदि प्रशासक अपने विभागीय कार्यों का दायित्व निभाने के कारण गांव की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे पाएंगे तो गांव में विकास नहीं हो सकेंगे। जब तक पंचायत चुनाव नहीं होते हैं, तब तक प्रधानों को ही जिम्मेदारी मिलनी चाहिए ताकि गांवों में विकास कार्य निरंतर होते रहे।
सरकार बात सुनेगी, नहीं तो होगा आंदोलन
टांडा के प्रधान नवाजिश खान का कहना है कि प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने के लिए अभी जिला स्तर पर आंदोलन शुरू किया गया है। यदि कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो मंडल स्तर और फिर लखनऊ में आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रधान किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने वाले हैं और अपने अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे।
कार्यकाल न बढ़ाएं तो चुनाव समय पर कराए जाएं
फैजल्लापुर की प्रधान मीनू देवी ने कहा कि प्रदेश सरकार को पंचायत चुनाव समय से कराने चाहिएं ताकि गांव की सरकार को जनता चुन सके। यदि चुनाव समय पर नहीं होते हैं तो पंचायतों की जिम्मेदारी प्रधानों के पास ही रहने देनी चाहिए। गांव में प्रशासक पहले भी नियुक्त किए गए थे तो तब बड़ा घोटाला सामने आया था। इसलिए चुनाव होने तक प्रधानों के पास ही जिम्मेदारी रहनी चाहिए।
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प्रधानों के कार्यकाल व चुनाव को लेकर उनकी क्या राय है? प्रधान अपने विचार मोबाइल नंबर 9528032476 पर व्हाट्स एप पर भेज सकते हैं।
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-प्रशासक नियुक्त होने से विकास का पहिया थमेगा
निवाड़ा गांव के प्रधान हसरत का कहना है कि मई माह में प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में प्रदेश सरकार भी प्रशासक नियुक्त कर सकती है। प्रशासक नियुक्त होने से गांवों में विकास का पहिया थम जाएगा और लोगों की समस्या का भी समय से समाधान नहीं हो सकेगा। इसलिए सरकार को प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए।
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-प्रधानों के पास ही रहनी चाहिए गांवों की जिम्मेदारी
फैजपुर निनाना की प्रधान प्रीति देवी कहती हैं कि यदि प्रशासक अपने विभागीय कार्यों का दायित्व निभाने के कारण गांव की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे पाएंगे तो गांव में विकास नहीं हो सकेंगे। जब तक पंचायत चुनाव नहीं होते हैं, तब तक प्रधानों को ही जिम्मेदारी मिलनी चाहिए ताकि गांवों में विकास कार्य निरंतर होते रहे।
सरकार बात सुनेगी, नहीं तो होगा आंदोलन
टांडा के प्रधान नवाजिश खान का कहना है कि प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने के लिए अभी जिला स्तर पर आंदोलन शुरू किया गया है। यदि कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो मंडल स्तर और फिर लखनऊ में आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रधान किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने वाले हैं और अपने अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे।
कार्यकाल न बढ़ाएं तो चुनाव समय पर कराए जाएं
फैजल्लापुर की प्रधान मीनू देवी ने कहा कि प्रदेश सरकार को पंचायत चुनाव समय से कराने चाहिएं ताकि गांव की सरकार को जनता चुन सके। यदि चुनाव समय पर नहीं होते हैं तो पंचायतों की जिम्मेदारी प्रधानों के पास ही रहने देनी चाहिए। गांव में प्रशासक पहले भी नियुक्त किए गए थे तो तब बड़ा घोटाला सामने आया था। इसलिए चुनाव होने तक प्रधानों के पास ही जिम्मेदारी रहनी चाहिए।
प्रधानों के कार्यकाल व चुनाव को लेकर उनकी क्या राय है? प्रधान अपने विचार मोबाइल नंबर 9528032476 पर व्हाट्स एप पर भेज सकते हैं।
