{"_id":"6a0480bc02552d9b520cd79a","slug":"junior-engineers-submitted-a-memorandum-containing-12-demands-to-the-superintending-engineer-baghpat-news-c-28-1-bpt1002-151633-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: प्रशासक की तैनाती से नहीं होगा समस्याओं का समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: प्रशासक की तैनाती से नहीं होगा समस्याओं का समाधान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
-कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर प्रधान 20 मई से लखनऊ में करेंगे आंदोलन
फोटो-10 की सीरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रधानों का मौजूदा कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। ऐसे में प्रदेश के प्रधानों ने अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि प्रशासकों की तैनाती से ग्रामीण समस्याओं का समाधान नहीं होगा। प्रधान 20 मई से लखनऊ में बड़ा आंदोलन शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
-प्रशासक नियुक्त होने से रुक जाएंगे विकास कार्य
काठा गांव के प्रधान कृष्णपाल का कहना है कि 26 मई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में सरकार ग्राम पंचायतों में प्रशासकों को नियुक्त करने की तैयारी कर रही है। प्रशासक नियुक्त होने से गांवों में विकास का पहिया थम जाएगा और लोगों की समस्या का भी समय से समाधान नहीं हो सकेगा।
-गांवों की प्रधानों को दी जाए जिम्मेदारी
बंदपुर के प्रधान जयकुमार ने कहा कि प्रशासक गांव की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे पाएंगे, जिससे समस्याओं का ढेर लग जाएगा। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसलिए प्रदेश सरकार को जब तक पंचायत चुनाव नहीं होते हैं, तब तक प्रधानों को ही जिम्मेदारी देनी चाहिए।
-लखनऊ तक आवाज उठाएंगे प्रधान
गांधी के रामबीर ने बताया कि प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने के लिए अभी जिला स्तर पर आंदोलन चल रहा है। यदि कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो 20 मई से लखनऊ में आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रधान किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने वाले हैं और अपने अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे।
-चुनाव कराने पर देना चाहिए ध्यान
मवीकलां के प्रधान दीपक ने कहा कि प्रदेश सरकार को पंचायत चुनाव समय से कराने पर ध्यान देना चाहिए ताकि गांव की सरकार को जनता चुन सके। यदि चुनाव समय पर नहीं होते हैं तो पंचायतों की जिम्मेदारी प्रधानों के पास ही रहने देनी चाहिए। गांव में प्रशासक पहले भी नियुक्त किए गए थे।
Trending Videos
फोटो-10 की सीरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रधानों का मौजूदा कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। ऐसे में प्रदेश के प्रधानों ने अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि प्रशासकों की तैनाती से ग्रामीण समस्याओं का समाधान नहीं होगा। प्रधान 20 मई से लखनऊ में बड़ा आंदोलन शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
-प्रशासक नियुक्त होने से रुक जाएंगे विकास कार्य
काठा गांव के प्रधान कृष्णपाल का कहना है कि 26 मई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में सरकार ग्राम पंचायतों में प्रशासकों को नियुक्त करने की तैयारी कर रही है। प्रशासक नियुक्त होने से गांवों में विकास का पहिया थम जाएगा और लोगों की समस्या का भी समय से समाधान नहीं हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
-गांवों की प्रधानों को दी जाए जिम्मेदारी
बंदपुर के प्रधान जयकुमार ने कहा कि प्रशासक गांव की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे पाएंगे, जिससे समस्याओं का ढेर लग जाएगा। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसलिए प्रदेश सरकार को जब तक पंचायत चुनाव नहीं होते हैं, तब तक प्रधानों को ही जिम्मेदारी देनी चाहिए।
-लखनऊ तक आवाज उठाएंगे प्रधान
गांधी के रामबीर ने बताया कि प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने के लिए अभी जिला स्तर पर आंदोलन चल रहा है। यदि कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो 20 मई से लखनऊ में आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रधान किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने वाले हैं और अपने अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे।
-चुनाव कराने पर देना चाहिए ध्यान
मवीकलां के प्रधान दीपक ने कहा कि प्रदेश सरकार को पंचायत चुनाव समय से कराने पर ध्यान देना चाहिए ताकि गांव की सरकार को जनता चुन सके। यदि चुनाव समय पर नहीं होते हैं तो पंचायतों की जिम्मेदारी प्रधानों के पास ही रहने देनी चाहिए। गांव में प्रशासक पहले भी नियुक्त किए गए थे।